नोटबंदी के बाद आयकर और पैन कार्ड बनवाने में आई तेज़ी

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आज से ठीक 1 साल पहले 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए नोटबंदी की घोषणा की थी। सरकार ने तत्काल प्रभाव से 500 और 1000 के पुराने नोटों को बैन कर दिया था।
नोटबंदी के बाद  2016-17 में आयकर भरने वाले लोगों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2015-16 में जहां 2.23 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न भरे थे, वहीं 2016-17 में 2.79 करोड़ लोगों ने आयकर भरे।
पैनकार्ड की अनिवार्यता को देखते हुए लोगों ने 18% से अधिक संख्या में पैनकार्ड रजिस्टर कराये. इसका सीधा कारण कालेधन को रोकना बताया जा रहा था. बता दें कि सरकार ने 2016-17 के बजट में 2 लाख रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर रोक लगी दी।
वहीं 50,000 रुपये से ज्यादा का सोना खरीदने पर भी सरकार ने पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया था, हालांकि इसकी सीमा बाद में बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई।