नियम कै हुवत उलंघन

अक्सर सुनै मा आवाथै कि गांव  मा खुली बैठक नाय हुवत। अगर होबौ कराथै तौ जानकारी नाय दीन जात। जेसे गांव  वाले जानकारी अउर सुविधा से वंचित रहि जाथिन।
फैजाबाद अउर अम्बेडकर नगर के गांव  मा साल मा दुई बार खुली मीटिंग पूरे गांव  के मनईन के साथे हुवय कै नियम बाय। जेहमा आपन समस्या गांव  वाले अधिकारिन के सामने रखाथिन। वइसे तौ मीटिंग हर महीना हुआथै। लकिन खुली बैठक साल मा दुई बार हुआथै। 1 सितम्बर का कइयौ गांव  मा बैठक भै लकिन प्रधान सबका सूचना नाय दिहिन। जेकरे नाम से आवास आय वही का बुलाय के बैठक करिर्न। जेसे गांव  वाले काफी नाराजगी जताइन।
जनता प्रधान का चुनाथै कि हमरे गांव  कै विकास होये। सही मार्ग दर्षन अउर योजना कै लाथ मिले। लकिन प्रधान या कउनौ नेता विधायक जीतै के बाद सुनतिन नाय।
अगर खुली बैटक करै का हुवय तौ प्रधान का चाही कि एक दिन पहिले गांव  मा सूचना देवावै। जेसे मनई पहुंचके आपन समस्या कहैं अउर दुसरे कै सुनै। का सषान-प्रषासन से इहै नियम बाय कि कुछ मनईन का बुलाय के मीटिंग कै लियै? अगर गंाव वाले आवाज दठाथिन तौ सुनवाई नाय हुवत। जनता अपने भलाई के ताई प्रधान कै चुनाव कराथै तौ प्रधानौ का चाही कि उनके समस्या पै ध्यान दियै? समय-समय पै मीटिंग कइके जनता कै समस्या सुनै।