ना बिजली के तार ना खम्भे, पर महोबा के छानी कलां गांव में बिल बराबर आ रहे हैं

जिला महोबा, गांव छानीकला न बिजली हे न बिजली के तार हे और न ही खम्भा हे लेकिन बिल बराबर आ रओ।जिला महोबा, गांव छानीकला न बिजली हे न बिजली के तार हे और न ही खम्भा हे लेकिन बिल बराबर आ रओ। गोमती ने बताई के हमाय ते बिजली ही नइया लेकिन बिल बराबर आत। हर दो तीन महीना में आत छह सात साल हो गयी। धीरेन्द्र ने बताई के अबे तो न बिजली हे न खम्भा हे और बाद में खम्भा लग जाए और बिजली आन लग हे तो जब तक लाखन करोड़न बिल आ जेहे तो हम गरीब आदमी किते से भर हे इतनो बिल। नंदकिशोर ने बताई के हमाओ तो चालीस पैतालीस हजार बिल आ चुको। कनेक्शन तो फर्जी प्रधान ने राशनकार्ड ले जाके करवा दओ तो। रानी ने बताई के मजूरी तो करत हे इतनो बिल किते से भर हे। मोड़ी मोड़ा तो शादी के लाने बैठे। हम ओरन के मीटर लग गये बिल आ रओ लेकिन बिजली नइ आ रई। रात के डर लगत के कीरा पतीरा न काट लेबे। छोटे छोटे मोड़ी मोड़न को ऊपर बिठार देत। हम ओरन ने महोबा जाके तहसीलदार डी एम् को एस पी को दरखास दइ। लेकिन कोनऊ करवाही नइ भइ। ननकू अधिशाषी अभियंता ने बताई के कनेक्शन दो हजार दस में हो गये ते। उनके मुहल्ला में बिजली नइया लेकिन बे दूसरे मुहल्ला के तारन से डारे अपनी अपनी डोरी। और न हमे पास कोनऊ दरखास आइ।

रिपोर्टर- श्यामकली

Published on Jul 3, 2017