नाय मिलत सरकारी सुविधा

सरकार अस्पताल बनवाये बाय कि जनता बिमारी से दूर रहे। लकिन अस्पताल मा बाय कि कउनौ तरह कै सुविधा नाय मिलत। अस्पताल मा मरीज पहुंच तौ जाथिन तौ लावारिस के तरह फेंका जाथिन।
अम्बेडकर नगर के कटेहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मा मूसेपुर गिरन्ट मजरा कौड़हा कै एक मेहरारु 27 अप्रैल का गै रहिन। पूरी रात दर्द से कराहत रहिन लकिन कउनौ डाक्टर या मरीज देखै तक नाय आइन। अउर एक नर्ष आइन तौ पैसा कै मंाग करिन। पैसा न दै पावै के कारण रातभर कराहत रहिन लकिन उनका दवा मा कउनौ ऐनम देखिन नाय। जब हालत बिगड़ गै तौ रिफर कै दिहिन। सरकार यस सुविधा निकाले बाय कि मरीज आवै अउर तड़फ के मर जाए। तौ यस सरकारी सुविधा कै कवन फायदा?
अस्पताल मा मरीज आवै अउर उनकै इलाज न हुवय अउर जब हालत बिगड़ जाए तौ जिला का रिफर कै दियै यस अस्पताल रहे कवन फायदा? जहां गर्भवती मेहरारू मा आम जनता का दवा न मिल पावै। अगर कहूं इलाज होय भी जाथै। तौ दवा यतनी मंहगी लिखा थे कि जनता लै न पावै। आखिर कब तक यइसे होये कब जनता का सही से दवाई मिलै षुरू होये। कब यइसेन दिन आये कि गंाव के जनता का सरकारी अस्पताल मा ठीक से दवाई मिलै षुरू होये।