नही थम रहे महिला हिंसा के मामले. केस वापस लेने के लिए महोबा में महिला को मिल रही हैं धमकियाँ

जिला महोबा, शहर महोबा एंटी रोमियो गठित करो होबे लेकीन जिते हिंसा हो रई बाय कोऊ नइ रोक रओ ।
महोबा जिला के महोबकंठ थाने की एक महिला को आरोप हे के मुहल्ला के ही कछू आदमियन ने हमाय संगे छेड़खानी करी। लेकिन पुलिस कोनऊ कार्यवाही नइ कर रई। जासे पहले भी 9 नवम्बर दो हजार चौदह में हमाई मोड़ी को अपहरण भी न इ ओरन ने करो तो अब बे ओरे केस सुलझाबे के लाने धमकी दे रए।
मोड़ी ने बताई के जब 2014 में हमाओ अपहरण भओ तो तब हमाई अम्मी आगन में हती जे ओरे अचानक आय और हाथ में चाकू लए ते सो हमे जबरजस्ती ले जान लगे तो हमने अपनी अम्मी को आवाज लगाई बे आई इन ओरन ने अम्मी को धक्का दे दओ और हमे जाने का सुघा दओ और हमे ले गये। फिर हमे नौ दिन अपने संगे रखो।
मोड़ी की मताई ने बताई के हम ओरे सबसे पहले पुलिस के पास पहुचे मदद मांगी एक हफ्ता तक बराबर कोतवाली दौड़े जब भी जात ते तो कोतवाल कत ते के तुमाई मोड़ी का जेल में हे सो हम निकार के दे दे। बे ओरे गुड्डा टाइप के आदमी हे मताई बाप रुपईया वाले हे। मोड़ा बर्बाद हे जो आई दिमांग में सो करत और इनके मताई बाप ने भी इनको साथ दओ
अबे 26 मार्च को हम अपने गेट पे मट्टी फेला रए ते सो बोले के बा केस को रफा दफा कर लो हमने मना करी सो गली देन लगे और और हाथ मरोर दओ बोले के जे एसे नइ मान हे जेसी पहले इनकी मोड़ी उठाई थी अब जाय उठा ले चलो।
जान से मारबे की धमकी देत और हमाय मोड़ी मोड़न को झूटे केस में फसा देत। हम सब जगह शिकायत करत न्याय मांगत तो हमाई कोऊ नइ सुनत और बे ओरे रुपईया वाले और दबंग हे सो ले दे के सब बराबर कर देत। अपहरण वालो केस तो हमाओ कोर्ट से चल रओ।
जितेन्द्र कुमार दुबे सी ओ ने बताई के जो दोई पक्ष के बीच में पुरानी लड़ाई हे जाकी जांच करबे के लाने हमने सुप्रीम कोर्ट और उच्च अधिकारी को बता दई अब जो भी मामला आहे बाकी उचित कार्यवाही करी जेहे।

रिपोर्टर- सुनीता प्रजापति

06/04/2017 को प्रकाशित