नहीं मिल रही है पंजीरी, खाली हाथ लौट रही हैं झांसी के हरपालपुर गांव की गर्भवती महिलाएं

जिला झांसी, ब्लाक बबीना, गांव हरपालपुर आंगनबाडी को काम हे गर्भवती महिलाओं और बच्चन की सेहत को ध्यान रखबो। लेकिन झांसी जिला के हरपालपुर गांव के आदमी अपनी आंगनबाडी से निराश हे। टीका तो लगाय जा रए लेकिन महिलाओ और बच्चन के स्वास्थ्य के लाने पंजीरी नइ दई जा रई।
जे महिलाए दो ढाई किलो मीटर दूर पैदल चल के आती पंजीरी लेबे के लाने लेकिन उन्हें टिका लगा के वापिस भेज दओ जात। सरकार करोड़ो रुपइया खर्च करत के बच्चन को और गर्भवती महिलाओ को पोष्टिक आहार और सही देख रेख मिलबे। लेकिन जो व्यवस्था इतनी कमजोर हे के आदमियन को सही लाभ नइ मिल पा रओ।
श्यामदेवी ने बताई के हमाय गांव में दस पंद्रह गर्भवती हुए लेकिन कोऊ को नइ देती न उनके रजिस्टर में कोऊ के नाम हुए।
कंचन ने बताई के एक बार दई ती बाके बाद आय सो नइ दई इतनी दूर पैदल पंच भवन तक जाने परत और न मिलत न कछू।
कल्पना ने बताई के हमे तो एक बार मिली बाके बाद कबहु नइ मिली कती आओ ही नइया हमाय पास किते से दे देबे।
गीता आशा कार्यकर्ता ने बताई के हम दो हजार छह से काम कर रए कोनऊ पोषाहार नइ मिलो न बच्चन को न गर्भवती और धात्री महिलाओ को।
विनीता शुक्ला बी एच ओ ने बताई के अबे हम नये हे तो हमे कछू जानकारी नइया अबे हमे दस पंद्रह दिन ही भये ड्यूटी पे आय। लेकिन हम धीरे धीरे जा बात की जानकारी कर हे और सब को लाभ दुआ हे।

रिपोर्टर- सफीना

29/05/2017 को प्रकाशित