नसबन्दी के बाद भइल

जिला वाराणरी, ब्लाक काशी विद्यापीठ, गांव खरका। हाल ही  में नसबन्दी के बाद बच्चा होवे के धरना भएल रहल। कोटवां के खरका गांव के कलिमुन्निशा के नसबन्दी 11 जनवरी 2011 में भयल रहल। जवन काशी विद्यापीठ ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भयल रहल। आउर एनके मई 2012 में गर्भ में बच्चा ठहर गएल। आउर एनके नसबन्दी भइले के प्रमाण पत्र नाहीं मिलल रहल। बाद में पांचवां बच्चा 24 दिसम्बर 2012 के भयल। बच्चा भइले के बाद नसबन्दी के प्रमाण पत्र मिलल।

कलिमुन्निशा आउर एनकरे पति शहाबुद्दीन के कहब हव कि लइकी भइले के बाद मुआवज़ा खातिर दउड़े के पड़त हव। हमनी बहुत गरीब हई आउर मुआवज़ा खातिर दउड़ दउड़ के परेशान हो गइली। कोई के पास जा तो ओन कहियन की ओनके पास जा तो दूसरका कहियन की ओनके पास हमनी घूम घूम के परेशान हो गइली। आउर इ समसया के लेके सी.एम.ओ. से बात करे के कोशिश करल गइल। लेकिन बात ना हो पाइल।