नरेगा में बाकी हव मजदूरी

जिला वाराणसी, ब्लाक काशी विद्यापीठ, चोलापुर, गांव हरपालपुर, जगदीशपुर।

एक तो एतना महंगाई हव कि पेट चलब मुश्किल हो गएल हव। ऊपर से जवन काम हमनी कइले हई ओकर भीमजदूरी नाहीं मिलत हव। इ कहब हव हरपालपुर आउर जगदीशपुर के दलित बस्ती के मजदूर के।

हरपालपुर के नरेगा में काम करे वाले मजदूर दुर्गा देवी, छेदी चम्पा, बच्चेलाल, इनरा देवी, दुर्गादेवी समेत अउरो कई लोग के कहब हव कि हमनी चालीस मजदूर तीन महीना पहिले सड़क बनावे के काम कइली। मजदूर बतइलन कि हमनी बीस दिन तो कोई पच्चीस दिन काम कइले हई। लेकिन कोई के दू दिन के मजदूरी मिलल हव तो कोई के तीन दिन के। आउर जाबकार्ड भी प्रणान के पास हव। जबकि हरपालपुर के प्रधान आशिया बेगम के पति इकबाल अंसारी उर्फ बब्बल के कहब हव कि सबकर मजदूरी दिहा गयल हव।

तो वहीं जगदीशपुर के मजदूर जड़ावती, जीता, माया समेत कई मजदूर के कहब हव कि जुलाई 2012 में सड़क पर मिट्टी फेंके काम एक सप्ताह कइली। लेकिन ओकर मजदूरी नाहीं मिलल। रोजगार सेवक मनोज कुमार के कहब हव कि हम मजदूरन के मजदूरी दे देहले हई। आउर ग्राम प्रधान भइया लाल के कहब हव कि मजदूरी के पइसा आ गएल हव। तीन चार दिन काम भयल ओकर पइसा बाकी हव। अभई काम भी पूरा नाहीं भएल हव जब काम पूराहो जाई तो जेकर जेकर पइसा बाकी हव दिहा जाई।