नए आई सी एस एस आर चीफ की अनोखी धारणाये

साभार: आई सी एस एस आर ऑफिसियल

दो मई को बीबी कुमार को मानव संसाधन मंत्रालय ने आई सी एस एस आर का चेयरमैन नियुक्त किया। कुमार मानवविज्ञानी हैं, और पांच मई को उन्होंने अपना पद ग्रहण किया। आई सी एस एस आर एक पसिद्ध संस्था जहां खोज का काम एक बड़े स्तर पर होता है।

कुमार ने सुखदेव थोराट की जगह ली है जो आई सी एस एस आर के अप्रैल 2011 से चेयरमैन थे। 76 वर्षीय कुमार का चयन एक चयन मंडल ने किया है जिसमें अशोक मोदक, (नेशनल रिसर्च प्रोफेसर और महाराष्ट्र से भाजपा के पूर्व एमएलसी) सतीश मित्तल (आरएसएस के अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के अध्यक्ष) सदस्य थे।

बीबी कुमार नगालैंड के साओ चेंज गवर्नमेंट कॉलेज और साइंस कॉलेज कोहिमा के पूर्व प्रिंसिपल रह चुके हैं। कुमार ने 136 किताबों का लेखन, सह-लेखन और संपादन किया है।

 

लेकिन सिर्फ पद की वजह से नहीं बल्कि कुमार अपने ‘मोदी प्रेम’ के कारण सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री हैं और देश में असहिष्णुता  के सबसे बड़े शिकार हैं। पर अगर इन्हें उनके निजी राजनितिक विचार भी माने, तो उनकी बाकी धारणाओं से तो हामी मिलाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। उनके अनुसार, मौजूदा स्वरूप में भारत में जाति व्यवस्था और छुआछूत की जो स्तिथि है, वो अरब, तुर्क और मंगोलों के आक्रमण का परिणाम है। इतिहास से विपरीत इस विचारधारा में एक और बात शामिल है, और वो ये कि मार्क्सवाद की वजह से भारत का बौद्धिक ह्रास हुआ है।