नई खुलत अस्पताल

अस्पतापल में लटकत ताला
अस्पतापल में लटकत ताला

जिला महोबा, ब्लाक पनवाड़ी गांव भरवारा। ई गांव में चार साल पेहले पशु अस्पताल बनो हतो। जीमे डाक्टर कभऊं नई आउत हे। जभे कि ऊ अस्पताल में 14 गांव के आदमी जानवरन के इलाज खा आउत हंे। ताला देख के आदमी निराश होके लौट जात हें।
गोमती ने बताओ कि डाक्टर हफ्ता में एक दिन आउत हे। जीमे 20 मिनट के बाद अस्पताल बंद करके चलो जात हे। शान्ति ओर रावेन्द्र ने कहो कि एते आस-पास गांव के आदमी आपन जानवरन के दवाई कराये खे लाने लेके आउत हें। अगर एते अस्पताल बनो हे ओर डाक्टर भी हे तो अस्पताल काय नई खुलत हे। अगर हमाये जानवर बीमार होत हें। तो महोबा लेके जाने परत हे। बरसात में बीमारी के कारन हमाई 50- 50 हजार रूपइया की भैंसे मरी हें।, पे अस्पताल खुले खा कोनऊ अधिकारी ध्यान नई देत आय।
भरवारा पशु अस्पताल के डाक्टर रामसिया ने बताओ कि सुबह 8 बजे से 12 बजे तक अस्पताल खोलत हों। तीन दिन भरवारा ओर तीन दिन मुढ़ारी में बेठत हों। अस्पताल न खोले खा आदमी झूठ बोलत हे।
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी शादिक अली ने बताओ कि पूरे जिले में 13 पशु अस्पताल हें। जीमे चार डाक्टर हें। स्टाफ की कमी होय खे कारन एक डाक्टर खा दो तीन अस्पताल देखे खा परत हे। एई से सब समय-समय पे अस्पताल खोले जात हें।