धरना  प्रदर्शन के बादौ सरकार रोक दिहिस मानदेय

चित्रकूट जिला मा पिछले दुइ महीना से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आपन मांग का लइके धरना प्रदर्शन करत हवैं| पै सरकार उनका मांग खातिर कउनौ हल नहीं निकारिस बल्की उनकर मानदेय भी रोक दिहिस हवै।
चित्रकूट मा सात सौ तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अउर पांच सौ इक्कीस सहायिका हड़ताल करै मा लाग हवैं।सरकार एक कइती तौ कहत हवै कि या सरकार महिला सशक्तिकरण के बात करत हवै। दूसर कइती धरना मा बइठी आंगनबाड़ी के ऊपर लाठी डंडा बरसावत हवै।या कीनतान का सशक्तिकरण आय?या  धरना प्रदर्शन से आंगनबाड़ी तौ परेशान हवैं। पै बच्चन का भविष्य बर्बाद होत हवै।
कर्वी के मीरा देवी बताइस कि कर्वी शहर मा अड़सठ आंगनबाड़ी हवैं जउन बहुतै परेशान हवैं। धरना प्रदर्शन करत-करत थक गये हन सरकार हमार सुनवाई काहे नहीं करत आय? पहाड़ी मा दुइ सौ छह आंगनबाड़िन का भविष्य ख़राब हवै।
कर्वी ब्लाक मा एक सौ उनसठ आंगनबाड़ी काम खातिर परेशान हवैं।
मानिकपुर मा एक सौ छब्बीस आंगनबाड़ी काम खातिर परेशान हवैं।
मऊ मा पचहत्तर अउर रामनगर मा उनहत्तर आंगनबाड़ी के जिन्दगी साथै खिलवाड़ कीन जात हवै।आखिर सरकार का चाहत हवै? काहे हमार मानदेय रोक दिहिस हवै। हमार अधिकार हवै कि हम अपने हक के बात कइ सकित हन।