दो बजे कै बाद बीमार ना पड़ें

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव इटवा डुडैला पाटिन पुरवा। हिंया के हेमा के पेट मा नौ महीना का बच्चा रहै वहिके कत्तौ कत्तौ पेट मा दर्द होय लागत रहै या कारन वा मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आई रहै तौ हुंवा के स्टाप नर्स बिना देखे कहि दिहिन कि अबै बच्चा न होइ। यहै से वा घर लउटगे।यहिनतान वा कइयौ दर की जुलाई के महीना मा आई रहै, पै डाक्टर दवाई नींक से नहीं करिन रहै।

हेमा बताइस की – मोरे पेट मा बच्चा हवै मैं जुलाई के महीना से नौ महीना का मोर बच्चा पूर होइगा हवै। कत्तौ-कत्तौ मोरे पेट मा कोंचा उठत हवै अउर दर्द भी होय लागत हवै।मैं मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गई रहौ। हुंवा के स्टाप नर्स बिना देखे मोहिका कहि दिहिन कि अबै बच्चा न होइ। यहिनतान मैं कइ यौ दर की गई हौं तो कउनौ फायदा नहीं भा। गरीब मे हरिया येत्ता रूपिया भी नहीं आय कि रोजै किराया भाड़ा लगाके मानिकपुर अस्पताल जाय।

मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाप नर्स सुमन का कहब हवै कि दुइ बजे के बाद आवत हवैं तौ डाक्टर उठ जात हवैं। या कारन डाक्टर नहीं देख पाइन। समय से अइ हैं तौ जांच कइके दवाई कीन जई।