दो दिन बाद भी नहीं पता कैसे लगी आग

आग लगने के दूसरे दिन लोगों ने दिया धरना, की नारेबाजी।
आग लगने के दूसरे दिन लोगों ने दिया धरना, की नारेबाजी।
घटना के दूसरे दिन खाक हुई सब्जियों के ढेर के बीच लोग
घटना के दूसरे दिन खाक हुई सब्जियों के ढेर के बीच लोग

बांदा की सब्जी मंडी में आग सब जलकर खाक

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा में जिले में 11 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे शहर के बीचोबीच मौजूद सब्जी मंडी में आग लग गई। यहां पर स्थित तीन सौ सत्तर दुकाने जलकर खाक हो गईं हैं। इसमें ज्यादातर दुकाने मुस्लिम समुदाय के लोगों की हैं। आग लगने के दो दिन बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि आग कैसे लगी। आग लगने के दो घंटे तक न तो दमकल गाडि़यां पहुंची और न ही प्रशासन के दूसरे लोग। करीब दो घंटे बाद दो दमकल गाडि़यां पहुंची। जिन्होंने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। दुकानदारों का कहना है कि यह एक तरह की साजिश है। सब्जी मंडी के विक्रेताओं का कहना है कि यह आग लगाई गई है खुद से नहीं लगी है। यहां के सब्जी विक्रेता फारुख साबिर और हकीम ने बताया कि मंडी में रखा सैकड़ों बोरा आलू टमाटर प्याज लहसुनए अदरक और फर्नीचर सब जलकर राख हो गया। हालांकि किसी ने नाम तो नहीं लिया लेकिन लोगों को शक है कि मंडी जिस जमीन पर है। उस जमीन के मालिक वहां पर मंडी हटाकर माल बनानान चाहते हैं। 2010 में भी इस तरह की आग लगी थी। तब भी बहुत नुकसान हुआ था। 12 अक्टूबर को लोगों ने सड़क जाम किया। नारेबाजी भी की है। उधर घटना के बाद पहुंचे सपा जिलाअध्यक्ष समीन बांदवी ने भरोसा दिया है कि वह सरकार से मुआवजा दिलवाएंगे। बसपा के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी ने कहा है कि हम राज्य सरकार तक यह मामला ले जाएंगे। आग का सामना करने वालों को मुआवजा दिलवाकर रहेंगे।