देश में बच्चों के बीच असुरक्षित जन्म अंतराल

साभार: फ्लिकर

भारत में 15 से 29 साल की महिलाओं के द्वारा 2015-16 में असुरक्षित शिशु जन्म अंतराल लिया गया । दो बच्चों के बीच का जन्म अंतराल अगर 24 महीने से कम होता है, तो कम वजनी शिशु के साथ जान खतरा भी अधिक हो जाता है। ये बात राष्ट्रीय परिववार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 से सामने आई है।  ग्लोबल रिसर्च के अनुसार 3 से 5 साल के आदर्श जन्म अंतराल ने विश्वभर में नवजात और शिशु मृत्यु दर में कमी आ दी है। वहीं भारत में 15 से 29 साल की मां बनी महिलाओं ने दो बच्चों के बीच जन्म का अन्तर 25 से 22 महीने का रखा, ये अंतराल पिछले 10 सालों में दिखा गया है।
औसत जन्म अंतराल को देखें तो 2005-06 में जन्म अंतराल 25 महीने था, जो 2015-16 में कम होकर 2.5 महीने से 22.5 महीने हो गया था। शादी की कानूनी उम्र लड़की की 18 और लड़के 21 है। इसके बावजूद भी 2011 में शहरी क्षेत्र में पांच में से एक लड़की की 18 से कम उम्र में शादी हुई।
आज भारतीय परिवारों का आकार तो छोटा हो गया है, पर परिवार में पुत्र की अनिवार्यता आज भी खत्म नहीं हुई है। शहरी क्षेत्र में पुरुष और महिलाओं ने कहा कि वे बेटी से ज्यादा बेटे की चाहत रखते हैं। शहरी क्षेत्र में पुरुषों में बेटे की चाहत में 3 प्रतिशत वृद्धि हुई, जो 2005-06 में 13.6 प्रतिशत से 2015-16 में 16.4 प्रतिशत हुई। वहीं महिलाओं में बेटे की चाहत में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 14 प्रतिशत से 14.2 प्रतिशत हो गई।