देखै का तरसत रहिगे

Exif_JPEG_420उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या समय बोहतई जिलन में आउत जात हे। मुख्यमंत्री महोबा अवैं खा केऊ दरकी तारीख रखी  हती पे बार बार रद्द कर देत हते पर 4 जून खा आखिर  महोबा के चरखारी कस्बे के तालाबन को देखें के लाने आ ही गए। मुख्यमंत्री के आये को नाम सुन आदमी बहुतै खुश भए हते कि मुख्यमंत्री से मिल खे उनसे आपन समस्या बताहें। जबै आदमी ऊते गये तो उनको मिल भी नहीं पाये आशा लगाये ओर हाथ में अपलीकेश लये भटकत हते। मुख्यमंत्री ने तुरतै तालाबन खा देख हेलीकाप्टर से उड़ गये हे। आदमी ऊपर मुंह उठाये देखत ही रहे गये हते। जोन तालाबन कि जांच करी हे उनका तुरतै भराये को कहो हे ओर जा भी कहो कि आदमी अपने जिले ओर गांव से पलायन न करे। उनके खाये कि ब्यवस्था किट दे के करी जेहे। आदमी अपने गांव घर में रहे। तालाब खुदयें खे अधिकारिन को तुरतै कार्यवाही करें का कही हे। देखै खा हे कि मुख्यमंत्री की बात को पालन अधिकारी केतनो करत हे। का जून के महीना मे तालाब भर पाहें। इसे आदमी पानी खा  भटकत रहे जात हें?