देखे खातिर के लगल पानी के टंकी

जिला वाराणसी। सरकार जगह जगह पानी कि टंकी लगवइले हव कि पानी के परेषानी ना होवे। लेकिन अइसन पानी के टंकी के कउन फायदा हव। जउन लगले के दस साल भी चालू नाहीं भयल हव। जबकि पानी के टंकी से लोग के घर तक के कनेक्षन भी हव। आखिर गावं  वालन कब तक आसरा देखियन?
लेकिन इ सरकार के कब समझ में आई कि टंकी देखे खातिर के लगल हव कि पानी गावं  वालन के देवे खातिर। जब पानी के टंकी बने शुरू भयल रहल त गावं  वालन के आसरा हो गएल रहल कि अब हमने के पानी के आराम हो जाई लेकिन पानी टंकी लगले के करीब दस साल के बाद भी अभहीं तक पानी नाहीं मिलत हव। मवइया, नरपतपुर, गोसाईपुर समेत कई जगह के हव। गावं  के लोग पानी लेवे गावं  में जेकरे पास आपन खुद के पानी के साधन हव वही लोग किहन पानी खातिर के भीड़ लगल रहला। जब प्रधान विधायक से पानी खातिर के कहलन त विधायक कहियन कि इ गावं  में त पानी के टंकी हव इहां  पानी के कउन दिक्कत। जब पानी टंकी हव त पानी टंकी के भी फायदा मिले तब तो। गावं  वालन त कठपुतली के तरे इधर से उधर करल करियन। कभी पानी लेवे खातिर के । त कभी पानी के टंकी चालू करवावे खातिर। आखिर कब समझ में आई गावं  वालन के परेषानी।