दिवाली के त्यौहार पर जीएसटी की मार

18 अक्टूबर 2017 को प्रकाशित

जिला बांदा। जी एस टी,बेरोजगारी अउर नोटबंदी इं सब मिल के लक्ष्मी जी का दीपावली से पहिले टाटा बाय-बाय कहि दिहिन हैं। काहे से इं सब चीजन का असर सगले देखात है अउर मड़ई कहत हैं कि यहै कारन या साल के दीपावली बहुतै फीक है।
बिख्यात कुमार यादव का कहब है कि मड़ई हर साल धनतेरस का ग्यारह सौ तक का महंगा सामान खरीदत रहैं पै या दरकी सगुन करै खातिर ग्यारह रुपिया का सामान बस खरीदिहैं।
चूड़ी बेचे वाली मीना बताइस कि बाजार मा सन्नाटा हैं जीएसटी लाग है दुकानदार आपन टैक्स भरिहैं तौ निकालै का तौ पड़बै करी।
राजबहादुर बताइस कि पहिले जउन सामान खरीदें मा दस प्रतिशत टैक्स लागत रहै अब जीएसटी लागे के बाद बहै सामान मा बारह प्रतिशत टैक्स लागी।
सेल्समैन रामलाल गुप्ता का कहब है कि या साल के दीपावाली बहुतै फीक है काहे से कउनौ सामान नहीं खरीदत आय।दुकानदार गोपाल गुप्ता बताइस कि जीएसटी का मतलब समझ मा नहीं आवत आय।मिठाई दुकानदार श्रवण कुमार का कहब है कि नोटबंदी अउर जीएसटी के कारन  हमार धंधा नहीं चलत आय।जबै से बालू मा रोक लाग है तौ बेरोजगारी बढ़ गे है।काम धंधा नहीं चलत आय तौ या दरकी के दीपावली मा कम उत्साह है।देवारी तौ ठीक है पै या दरकी जीएसटी सबका नाच  नचायें है तौ होइगे सबके हैप्पी दीवाली।

बाईलाइन-मीरा देवी