दिल दहला देने वाले आतंकी कब्जे से रिहा हुआ कैफे

 

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 1 जुलाई की रात को गुलशन डिप्लोमेटिक जोन स्थित होली आर्टिशन बेकरी रेस्टोरेंट में शुरू हुआ बंधक संकट अब समाप्‍त हो गया है। सुरक्षाबलों ने छह हमलावरों को मार गिराया है जबकि एक को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 18 बंधकों को रिहा करा लिया गया है। इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है.

सूत्रों के अनुसार, हथियारबंद हमलावर शुक्रवार 1 जुलाई की रात नौ बजे के करीब रेस्‍टोरेंट में घुसे थे। उन्‍होंने 30 से ज्यादा विदेशियों को बंधक बना लिया था। बंधक संकट तकरीबन 14 घंटे तक चला। इस हमले में दो पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 30 से ज्यादा जख्मी हुए।

सूत्रों का कहना है कि यह हमला आईएसआईएस या अलकायदा के फिदायीन हमलों जैसा नहीं था। इन संगठनों के आतंकी कम से कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति से आते हैं। इसके अलावा, वे बेहद ट्रेंड भी होते हैं। लेकिन, 12 घंटे में ऑपरेशन को खत्‍म करने के लिए सुरक्षाबलों को क्रेडिट मिलना ही चाहिए।

रक्षा विशेषज्ञ अभिजीत भट्टाचार्य भी कहते हैं कि आईएसआईएस कोई केंद्रीकृत आतंकी संगठन नहीं है। उसके पास बस पैदल सैनिक हैं। साजिश कोई दूसरा रच रहा है। जिन देशों में इस्लामिक स्टेट अभी पनपने की कोशिश कर रहा हो, वहां इतना सुनियोजित हमला करने में आईएसआईएस का हाथ हो, इस बात की संभावना कम ही नजर आती है। शायद इन हमलों के पीछे आईएसआई का दिमाग है।

ये हमला हाल के महीनों में हुई कई हत्याओं के बाद हुआ है। हमलावरों की तादात आठ से नौ बताई जा रही थी।