दादरी बाजार के मेहँदी वाले

उत्तर प्रदेश से हर साल हजारों की तादात में लोग पलायन करते हैं। यह लोग कभी काम की तलाश में और कभी रहने की खोज में कई शहरों में भटकते हैं। शिवा और शिवम ऐसे ही दो युवा हैं जो सालों पहले यूपी से पलायन कर मुंबई, दादरी आ गये और यहाँ ‘मेहँदी वाला’ बन कर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। दादरी बाजार में लाल रंग की चटाई बिछा कर महिलाओं का इंतज़ार करते शिवा और शिवम रोज इसी तरह अपना दिन गुजारते हैं।
शिवम 7 साल की उम्र में सालों पहले अलीगढ़ के गांव गवाना से मुंबई आ गये थे। उनके दो भाइयों ने शादी कर ली थी और दोनों ही अलग रहते थे। उन्हें जब वहां कुछ अपने लिए नजर नहीं आया तो वह यहाँ आ गये।
फिरोजाबाद जिले के टूंडला में रहने वाले शिवा 10 साल पहले मुम्बई आये। उनके परिवार में सभी मेहँदी लगाने का काम करते आये हैं इसलिए उन्हें भी यही पसंद था।
शिवम बताते है कि शुरुआत में मैंने गाड़ी चलाने का काम किया जिसमें मुझे 200-300 मिल पाते थे जो महीने में 6-7000 से ज्यादा नहीं पड़ते थे लेकिन इस काम में मुझे महीनें के तीस हजार तक मिल जाते हैं।
मेहँदी लगाने का मौसम पूरे साल रहता है लेकिन शादियों के समय सबसे ज्यादा कमाई होती है। एक रात में ही हजारों रुपया कमा लेते हैं और अगर पूरे महीने की बुकिंग मिल जाये तो एक हफ्ते में दस हजार तक कमा लेते हैं और अगर शादी बाहर के शहर में होती है तो उसका अलग से ज्यादा पैसा लेते हैं।

साभार: पारी, 16 मई