दलित संगठनों का 10अप्रैल को आरक्षण के खिलाफ भारत बंद पर यह क्या बांदा में तो सारी दुकाने खुली हैं

आरक्षण के विरोध में 10 अप्रैल को भारत बंद का ऐलान रहै, पै बांदा जिला के ज्यादातर दुकान खुली रहै। मड़इन का कहब है कि मंगलवार का बांदा के दुकान बंद रहत है यहै कारन कुछ दुकान बंद रहत है पै ज्यादातर दुकान खुली है, यहै कारन भारत बंद से कउनौ असर नहीं पड़ा आय।
मोहम्मद जमील का कहब है कि सुबेरे दुकान बंद करावे वाले आये रहै, पै दस बजे के बाद कउनौ नहीं आवा आय। यहै कारन पूर बाजार खुली पड़ी है। जावेद का कहब है कि हेंया तौ भारत बंद का कउनौ असर नहीं आय। वीरेन्द्र का कहब है कि दलितन के साथै भेदभाव होत है। सबका साथ सबका विकास का नारा दे वाली मोदी सरकार के राज्य मा तौ कउनौ का साथ देखाई देत आय अउर दलित मारे जात है। सन्तोष कुमार गुप्ता का कहब है कि पढ़े-लिखे दलित बस खड़े है अउर पुरान मड़ई तौ जूझत रहत है। भारतीय किसान यूनियन के विमल शर्मा का कहब है कि राजनीतिक पार्टी आपन वोट बैंक का मजबूत करै खातिर अउर मड़इन का लड़ावै खातिर आरक्षण का हथकंडा अपनाइन है। समाज मा विरोध न बढ़े हम चाहित हन कि सरकार कउनौ अच्छी नीति बनावै।

रिपोर्टर- गीता देवी

Published on Apr 10, 2018