दलित को घोड़ी पर चढ़ कर बरात निकालने की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने तैयार किया रास्ते का नक्शा

साभार: पिक्साबे

यूपी के हाथरस जिले के संजय कुमार और शीतल की शादी कासगंज के निजामपुर गांव में 20 अप्रैल को होनी है। इसके लिए संजय कुमार ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर बारात निकालने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से मना कर दिया था।
पुलिस ने कहा कि वह इलाका उच्च जाति के लोगों का है, उनके बारात निकाले जाने से वहां हिंसा हो सकती है। यही नहीं, 21 मार्च को कासगंज पुलिस और प्रशासन ने संजय को बारात निकालने के लिए 800 मीटर लंबे रास्ते का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था, जिसके लिए पुलिस ने नक्शा तैयार किया है।
बता दें कि दलित युवक संजय कुमार काफी समय से शादी के दौरान घोड़ी से बारात निकालने की अनुमति मांग रहे है। इसके समाधान के लिए ही जिला प्रशासन और पुलिस ने लंबा और घुमावदार रास्ते का नक्शा तैयार कर इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर किया है।
दरअसल जिस इलाके में युवती का घर है, उस इलाके में 40 दलितों के घर हैं जबकि 300 उच्च जाति के लोग रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस गांव में बारात जानी है, वहां आज तक दलितों की बारात नहीं निकाली गई।
इसके बाद संजय ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की। अपनी याचिका में उसने कहा था कि वह घोड़ी पर चढ़कर अपनी बारात ले जाना चाहता है लेकिन इलाके में रहने वाले उच्च जाति के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही उसे बारात निकालने के लिए विशेष मार्ग बताया जा रहा है। प्रशासन को मेरी मदद करनी चाहिए क्योंकि मैं भारत का नागरिक हूं।