दलितों का अपराधी गिरफ्तार

2006 में हुआ था सरकार के खिलाफ धरना
2006 में हुआ था सरकार के खिलाफ धरना

पटना। साल 1997 में हुए अट्ठावन दलितों के हत्याकांड के मुख्य आरोपी धरमा सिंह को पुलिस ने 18 जुलाई को पटना में गिरफ्तार किया। धरमा सिंह राज्य के रणवीर सेना का सदस्य है। सोलह साल से फरार धरमा को अरवल जिले की एक पुलिस टीम ने पटना में पकड़ा।
उच्च जाति के भूमिहर ब्राहमणों से बनी रणवीर सेना साल 1994 से बिहार में नीची जातियों के विरुद्ध हिंसात्मक घटनाओं में शामिल थी। 1 दिसंबर 1997 को बिहार के जहानाबाद जिले के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में रणवीर सेना के सदस्यों ने अट्ठावन दलितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें सत्ताइस महिलाएं और सोलह बच्चे शामिल थे। रणवीर सेना का मानना था कि इस गांव के दलित उन माओवादियों से मिले हुए थे जिन्होंने 1992 में उच्च जाति के ब्रीहमणों को मारा था।
उस समय देश के राष्ट्रपति के.आर. नरायनन (जो खुद दलित थे) ने इस घटना की कड़ी बुराई की थी। राबड़ी देवी की सरकार ने अमीर दास जांच कमेटी बनाई थी पर नीतीश कुमार की सरकार ने 2006 में इस कमेटी को बरखास्त कर दिया था।