दंगों का प्रदेश उत्तर प्रदेश!

UP govermentनई दिल्ली। प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार भले ही उत्तर प्रदेश को उम्मीदों का प्रदेश कहकर प्रचारित कर रही हो मगर पिछले पांच सालों में देश में सबसे ज़्यादा दंगे यहीं हुए। उम्मीदों के प्रदेश से दंगों का प्रदेश शीर्षक यहां ज़्यादा सटीक बैठता है।
देशभर में 2010 से लेकर 2014 के बीच चैतिस सौ सांप्रदायिक घटनाएं और दंगे हुए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पांच सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और दस हज़ार से ज़्यादा लोग बुरी तरह ज़ख्मी हुए। इन दंगों में सबसे ज़्यादा दंगे उत्तर प्रदेश में हुए। इन पांच सालों में उत्तर प्रदेश में सात सौ तीन दंगे हुए। इनमें एक सौ छिहत्तर मौतें हुईं। दो हज़ार से ज़्यादा लोग बुरी तरह ज़ख्मी हुए। 2015 के पहले छह महीनो  में प्रदेश में अड़सठ दंगे हुए। दूसरा नंबर महाराष्ट्र का है, जहां चार सौ चैरासी दंगे हुए। तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश रहा, जहां चार सौ सोलह दंगे हुए। कर्नाटक इस मामले में चैथे नंबर पर रहा। यहां तीन सौ छप्पन दंगे इस अवधि में हुए। गुजरात में तीन सौ पांच दंगे इन पांच सालों मे हुए।