त्रिलोकपुरी में हिंसा

30-10-14 Desh Videsh - Trilokpuri Riots webनई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में दीवाली की रात दो समुदायों के बीच शुरू हुए विवाद ने दंगे का रूप ले लिया। हालांकि 25 अक्टूबर के बाद से वहां कोई नई घटना सामने नहीं आई है। वहां धारा 144 लगी हुई है। स्थिति नियंत्रण में है। चैहत्तर लड़के गिरफ़्तार हुए हैं। इनमें चैदह हिंदू बाकी मुस्लिम हैं। पत्थरबाज़ी के बीच कई दुकानें जला दी गईं। कई घायल हुए।
कैसे शुरू हुआ विवाद – त्रिलोकपुरी के ब्लाक नंबर बीस में मुस्लिम और हिंदू आबादी दोनों ही हैं। यहां मस्जिद के सामने की जगह में वाल्मिकी समुदाय के लोगों ने जागरण के लिए माता की चैकी रखी थी। वाल्मिकी समुदाय के लोगों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने इसे हटाने को कहा। दोनों ही समुदाय एक दूसरे पर अपने अपने धार्मिक स्थल पर ज़ोर जोर से लाउडस्पीकर बजाने का आरोप भी लगा रहे हैं। वाल्मिकी समुदाय की पूजा ने बताया कि दरअसल जहां चैकी रखी है, वहां दूसरे समुदाय के लोग कूड़ा डालते थे। हमने सोचा कि अगर हम चैकी बना देंगे तो कूढ़ा नहीं पड़ेगा। लेकिन दीवाली की रात रिजवान नाम के लड़के ने यहां पेशाब की। जबकि मुसलमान समुदाय के लोगों का कहना है कि इस ज़मीन पर हम ही नहीं बल्कि वाल्मिकी बस्ती से भी कूड़ा पड़ता था।

इलाके के पूर्व विधायक सुनील वैद्य ने कहा कि जब दूसरे समुदाय के लोगों ने पत्थरबाज़ी शुरू की और पुलिस लोगों के सूचना देने का बाद भी नहीं पहुंची तब मैंने पुलिस को फोन करके बुलाया। हालांकि वहां के मौजूदा विधायक राजू
धिंक्कड़ इलाके में स्थिति का जायज़ा लेने भी नहीं पहुंचे।

गैर सरकारी संगठनों का प्रयास
– जेल में डाले गए लड़कों को जमानत दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करना
– लोगों को इलाज उपलब्ध कराना – नुकसान की रिपोर्ट तैयार करना

औरतों पर हिंसा
दोनों समुदाय की औरतों पर पुलिस ने डंडे चलाए। मुस्लिम समुदाय की एक औरत ने अपनी सूजी बाहें दिखाते हुए कहा कि नीली वर्दी वाली पुलिस ने हम पर डंडे चलाए। इसी तरह वाल्मिकी समुदाय की एक औरत ने अपनी नीली जांघ दिखाते हुए बताया कि उन पर भी पुलिस ने डंडे चलाए।