ताल से ताल मिलाने आ गए हैं ललितपुर जिले के सुमित कुमार सैनी

कहा जाता है कि जब हुनर आपके पास हो तो आपकी मेहनत और लगन आपको कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचा कर ही दम लेती हैं। ऐसी ही एक युवा की कहानी हम आज आपके लिए ले कर आये हैं।
ललितपुर जिले के गाँव जाखलौन के सुमित कुमार सैनी ने अपने हौसले से वो कर दिखाया है जिसकी उन्हें मात्र कल्पना भर थी। सुमित की सुरीली आवाज़ का जादू आज पूरे जिले में फैला हुआ है।
गायक सुमित ने अपने गायन की शुरुआत के बारे में बताते हुए कहा, मैंने खुद को सुधारने के लिए अच्छे लोगों की संगति ली और फिर खुद को इस हुनर के काबिल बनाया। आज से 16 साल पहले जब मैंने ढोलक बजाने की शुरुआत की तब कुछ लोगों ने मेरी निंदा की लेकिन मैंने उससे सबक लिया।
उन्होंने आगे बताया, मैंने ढोलक सीखकर कम से कम 250 से ज्यादा मंचों पर कार्यक्रम कर लिए हैं। आज मेरे पास 30-32 लड़के-लड़कियां डांस और ढोलक सीखने के लिए आते हैं। मैंने दिल्ली, मेरठ, पंजाब जैसे कई बड़े राज्यों में कार्यक्रम भी किया है।
इस क्षेत्र में उन्हें कई पुरुस्कार भी मिल चुके हैं। सबसे पहला पुरुस्कार उन्हें बुंदेलखंड की परम्परा राई डांस पर विशेष प्रस्तुती के लिए शिला दीक्षित द्वारा दिया गया था।

रिपोर्टर- कल्पना

Published on Mar 19, 2018