तारीक आ रही है पास, अभियान रेंग रहा है पीछे पीछे! बुंदेलखंड में देखिये स्वच्छ भारत की ज़मीनी तस्वीर

जिला ललितपुर, चित्रकूट, बांदा।2 अक्तूबर 2014 का स्वच्छ भारत अभियान के शुरुआत कीन गे रहै। 2019 तक भारत का शौचमुक्त करै अउर सगले सफाई रहै यहै कारन या अभियान शुरू कीन गा रहै|शौच मुक्त का मतलब खुली जघा मा मड़ई शौच खातिर न जायें। रोज के अखबार मा जाने माने नेता मंत्री के फोटो झाड़ू लगावत छपी रहत हवै। इं नेता  मंत्री सफाई नहीं करत आपन फोटो खिंचौवै खातिर झाड़ू लगावत हवै। 2016 अउर 2017 के स्वच्छता अभियान खातिर करोड़न रुपिया पास कीन गा हवै पै अबै तक गांवन मा शौचालय नहीं बनें आहीं।
खोहर गांव के ममता बताइस कि हमार शौचालय नहीं बना आय यहै  खातिर हमें बाहर जायें का पड़त हवै। बरगढ़ के प्रेमलता बताइस कि प्रधान भरोसा बस देत हवै शौचालय नहीं देत आय। जिला ललितपुर गांव खिरिया के ममता अउर उमा बताइस कि शौचालय बाहर जायें मा रोक लगावत हवै हमरे शौचालय नहीं बना तौ कहां जइ।
बांदा के माटा  गांव की देववती अउर राजा बेटी पूनम कुशवाहा का कहब हवै कि हमरे लगे रुपिया होत तौ हम पहिले से शौचालय बनवा लेइत। मजबूरी मा सयान लड़की बाहर शौच खातिर जात हवै। सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा स्वच्छता अभियान के बारे मा बतावत हवै कि शौचालय बनावै खातिर छह हजार पहिले दीन जात हवैफेर गड्डा खोदे के बाद छह हजार दीन जात हवै। मार्च 2017 तक ओ.डी एफ पूर होइ जइ।
ओ.डी.एफ  के बारे मा विष्णु कान्त दिवेदी का कहब हवै कि ओ.डी एफ का मतलब कागजन मा खानापूर्ति करब हवै। का सरकार गांधी जी के एक सौ पचासवीं जयन्ती मा स्वच्छ भारत का उद्देश्य पूरा कर पइहैं।

खबर लहरिया ब्यूरो

28/09/2017 को प्रकाशित