तहसील के नाम पर भवन नाम का, नहीं किसी काम का, चित्रकूट के राजापुर में

जिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, कस्बा राजापुर 2014 मा हिंया तहसील बनी रहै पै तीन साल होय के बादौ हिंया रजिस्टार आफिस नहीं बना आय।यहै कारन मड़इन का आपन जमीन के रजिस्ट्री करावै खातिर कत्तौ मऊ कत्तौ कर्वी जाये का पड़त हवैं।लगभग 150 गांवन के मड़ई या तहसील मा आवत हवैं। मड़ई डी.एम से रजिस्टार आफिस के मांग करिन हवैं पै  अबै तक कुछौ कारवाही नहीं भे आय।जिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, कस्बा राजापुर 2014 मा हिंया तहसील बनी रहै पै तीन साल होय के बादौ हिंया रजिस्टार आफिस नहीं बना आय।यहै कारन मड़इन का आपन जमीन के रजिस्ट्री करावै खातिर कत्तौ मऊ कत्तौ कर्वी जाये का पड़त हवैं।लगभग 150 गांवन के मड़ई या तहसील मा आवत हवैं। मड़ई डी.एम से रजिस्टार आफिस के मांग करिन हवैं पै  अबै तक कुछौ कारवाही नहीं भे आय। अर्जुन शुक्ल मनोज सिंह अउर श्रवण कुमार समेत कइयौ  मड़ई बताइन कि हमें आपन रजिस्ट्री करावै 35 किलोमीटर दूरी मऊ जाये का पड़त हवै।एक दिन मा रजिस्ट्री नहीं होत तौ हमें फेर से दूसरे दिना जाये का पड़त हवै जेहिसे हमार किराया भाड़ा बहुतै खर्चा होत हवै।हम डी.एम.से रजिस्ट्री आफिस राजापुर मा खोलावे के मांग करे हन पै अबै तक कुछौ सुनवाई नहीं भे आय। मऊ रजिस्टार आफिस के प्रभारी निरीक्षक मूलचन्द्र यादव का कहब हवै कि राजापुर के मड़ई शासन का दरखास दें तौ शासन यहिके खातिर व्यवस्था करी काहे से या सरकार का काम आय।

रिपोर्टर- सहोद्रा देवी

Published on Aug 2, 2017