तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता नहीं रहीं, शोक में डूबे 77 लोगों की जान गयी

 साभार: गूगल पिक्स
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 5 दिसंबर रात 11:30 बजे हो गया।
68 साल की जयललिता 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। 4 दिसंबर को उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया था। तभी से अपोलो अस्पताल के बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है और चेन्नई में सुरक्षा कड़ी की गई है।
जनता में बेहद लोकप्रिय नेता रहीं जयललिता ने दक्षिण भारतीय फ़िल्मों में अभिनय भी किया था।
सूत्रों के अनुसार, शुरू से ही जयललिता एक कामयाब वकील बनना चाहती थीं। लेकिन, क़िस्मत ने उन्हें पहले फ़िल्मों और फिर राजनीति में धकेल दिया। दोनों ही क्षेत्रों में उनका सफ़र आसान नहीं रहा था, पर दोनों में ही उन्होंने नाम कमाया।
जयललिता 140 फ़िल्में करने, 8 बार विधानसभा का चुनाव लड़ने और एक बार राज्यसभा के लिए मनोनीत होने के अलावा चार बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी थी।
वहीँ, जयललिता की बीमारी और उनके बाद निधन के दुख और सदमे से अभी तक 77 लोगों की जान गई है। अन्नाद्रमुक पार्टी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
इसके पहले जब जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सजा होने पर जेल जाना पड़ा था, तब भी कथित तौर पर दुखी हो कर उनके कई समर्थकों ने अपनी जान दे दी थी।
उनकी करीबी दोस्त ससिकला अब शायद ए आई ए डी एम के पार्टी की प्रमुख बन सकती हैं, ऐसे सुनना में आ रहा है। वहीँ मुख्या मंत्रि का पद पनीर सेलवम सम्भालेंगे।