तमिलनाडु की पहल रंग लायी, ‘ट्रांसजेंडर’ को भी मिलेगा पुलिस बल में प्रवेश…

साभार: गूगल
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किन्नरों का पुलिस बल में प्रवेश करने के लिए तमिलनाडु में रास्ता साफ हो गया है और यह बाधाओं के बीच यह एक बदलाव जैसा है।
हाल ही में पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति के लिए जारी किए गए आदेशों में सरकार ने कहा है कि ट्रांसजेंडर भी अब इसमें शामिल हो सकते हैं। “तीसरे लिंग” के लिए चयन प्रक्रिया में उनकी शैक्षिक योग्यता, शारीरिक फिटनेस और आरक्षण के आधार पर महिला वर्ग के तहत किया जाएगा।
यह पिछले साल अदालत के आदेश के आधार पर एक ट्रांसजेंडर प्रितिका को यह अधिकार मिल चुका था। वह पहली ट्रांसजेंडर होंगी जो महिला उप निरीक्षक के पद को पुलिस बल में संभालेंगी।
प्रितिका का जन्म प्रदीप कुमार के तौर पर हुआ था। स्कूल के शुरुआती दिनों में ही प्रदीप के शरीर में बदलाव होने लगे। मेडिकल चेकअप के बाद जब प्रदीप को पता चला कि वो ट्रांसजेंडर है तो उसने घरवालों को समाज के तानों से बचाने के लिए घर छोड़ दिया।इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने अपनी सेक्स सर्जरी करवाई और वो प्रदीप से प्रितिका बन गए।
सब इंस्पेक्टर पद के लिए क्वालीफाई करने के बाद प्रितिका का आवेदन पुलिस भर्ती बोर्ड ने तरह तरह के कारणों के चलते खारिज कर दिया जिसमें नाम और मूल दस्तावेजों का मेल न खाना और भर्ती फॉर्म में थर्ड जेंडर का विकल्प न होना था।
इस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए कोटा, शारीरिक परीक्षा और इंटरव्यू जैसी व्यवस्थाओं का प्रावधान भी नहीं था। इसके बाद प्रितिका ने कोर्ट में एक याचिका दाखिल की और आखिर आज उनको सफलता मिल ही गयी।
प्रितिका कहती हैं कि ‘देश में पुलिस अधिकारी बनने वाली मैं पहली किन्नर हूं। मैं इस नौकरी से बहुत खुश हूं और अच्छा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं’ और लंबे संघर्ष के बाद पुलिस अधिकारी बनने का मेरा सपना साकार हो गया। प्रितिका ने कहा कि वो पुलिस सेवा के दौरान महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर लगाम लगाने के लिए काम करेंगी।