ढोंगी संत की खुली पोल – आश्रम में बंदी थे समर्थक

बाबा रामपाल
बाबा रामपाल

हिसार, हरियाणा। हरियाणा के बरवाला इलाके के सतलोक आश्रम के बाबा रामपाल 19 नवंबर को रात करीब साढ़े नौ बजे गिरफ़्तार हुए। उन्हें चंडीगढ़ शहर में बने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में 20 नवंबर को पेश किया गया।
रामपाल को पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व फोर्स के तीस हज़ार सैनिक तैनात थे। आश्रम के भीतर दो हफ़्ते से दस हज़ार से ज़्यादा लोग थे। इनमें से पांच औरतों और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई।
रामपाल के बीस हज़ार कमांडो तैनात थे। लोगों ने बताया कि कमांडो ने उन्हें ज़बरदस्ती कैद कर रखा था। आश्रम से पहले हाइड्रोजन बम चले। फिर पुलिस और समर्थकों के बीच गोली बारी हुई। रामपाल के प्रवक्ता उनकी सेहत अच्छी न होने की बात कहकर गिरफ्तारी से बच रहे थे। रामपाल के ऊपर 2006 में एक हत्या का आरोप लगा था। 2008 में जमानत मिली। रामपाल पर देशद्रोह, युद्ध छेड़ने या युद्ध के प्रयास के मामले समेत आश्रम में लोगों को कैद करने, छह लोगों की हत्या के मामले पुलिस ने दर्ज किए हैं।

रामपाल का जन्म 1951 में हरियाणा के सोनीपत जिले में हुआ था। सिंचाई विभाग में नौकरी करते हुए घोटाले के आरोप लगे। साल 2000 में इस्तीफा देने के बाद रामपाल ने एक आश्रम बना लिया। पिछले चार सालों में कोर्ट ने तैंतालिस बार हाजि़र होने का आदेश दिया। पर एक बार भी बाबा हाजि़र नहीं पहुंचे।