“डोंगल खराब है” – ये जवाब है फैजाबाद के मया ब्लाक में पेंशन नहीं मिलने वालों के लिए

जिला फैजाबाद, ब्लॉक मया, गांव तिरसावां, 16 दिसंबर 2016। बुजुर्गो को आर्थिक सहायत देने के उद्देश्य से हर राज्य में चलने वाली वृद्धा पेंशन योजना क्या वाकई वृद्धों को मिलती है? इस बात की जांच परताल फैजाबाद जिले के तिरसावां गांव में करने पर पता चला  कि पच्चीस वृद्धों को पांच सालों से पेंशन नहीं मिल रही हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण ये वृद्ध रोजी रोटी के लिए मजदूरी करने के लिए मजबूर है। वहीं गांव के प्रधान प्रतिनिधि रामविलास निषाद जिला समाज कल्याण विभाग का इंटरनेट डोंगल खराब होना इस समस्या का कारण बता रहे हैं। और समाज कल्याण विभाग के सूत्रों के अनुसार आवेदकों की लिस्ट लखनऊ भेजी जा चुकी हैं और पैसे आते ही आवेदकों को पैसा दिया जाएगा।

70 वर्षीय सिया राम वर्मा पेंशन नहीं मिलने से परेशान है, और अब तो उन्होंने पेंशन मिलने की आस भी छोड़ दी है। झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले सिया राम वर्मा के घर में पैसे की तंगी हमेशा ही रहती है। पर आवेदन की सभी शर्तो पर सही बैठने के बावजूद भी उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है।

झबु, 65, भी पेंशन नहीं मिलने के कारण मजदूरी करके दो वक्त की रोटी खा रहे हैं। झबु का स्वास्थ्य उन्हें मजदूरी करने की इजाजत नहीं देता पर उन्हें पेट के लिए ये सब करना पड़ता है। वह कहते हैं, “मुझे पेंशन के बारे में ग्राम प्रधान से पूछने पर हर बार जल्दी आने का आश्वासन मिलता है।”

पेंशन पाने के लिए 600 रुपये दे चुकी राजपति, 60, कहती हैं, “मुझसे आवेदन के लिए पैसे लिए गए थे। मेरा पेंशन का पैसा बैंक में आए, इसलिए बैंक में खाता तो खोल दिया गया, पर उस खाते में पैसा कभी नहीं आया।”

राम दुलार को भी अभी 6 महीनों से ही पेंशन का पैसा मिल रहा है। पर पेंशन नहीं मिलने से उन्हें भी बहुत सी परेशानी हुई थी।

पेंशन नहीं मिलने पर रामविलास निषाद कहते हैं, “मैंने 3 मार्च 2016 को 16 लोगों का ऑन लाइन आवेदन किया था, जिसमें 3 लोगों का आवेदन हो चुका था पर 13 लोगों का आवेदन नहीं हो पाया था। फिर 4 अप्रैल 2016 को फिर आवेदन करावाया। पर उस समय से अभी तक समाज कल्याण विभाग इंटरनेट डोंगल खराब होने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहा है।”

वहीं समाज कल्याण विभाग का इस बारे में कहना हैं, “हमनें आवेदकों की सूची बनाकर लखनऊ भेज दी है। अब लखनऊ से पैसा आएगा तो लोगों को दिया जाएगा, जिसकी समयसीमा कोई नहीं बता सकता है।”

रिपोर्टर- मनीषा

14/12/2016 को प्रकाशित