डी.एम. का दरखास दइके लगाइन नियाव के गोहार

DSCN8377 copy_gaavजिला बांदा, ब्लाक तिन्दवारी गांव जसइपुर, मजरा कल्यानपुर। हेंया के एक टैªक्टर मड़ई 1 फरवरी का जिलाधिकारी का दीन गे दरखास मा बताइन कि उनके दुआरे से हाईवे रोड निकरत है। जेहिमा उनके घर गिरैं का है। या मारे उंई परेशान होई के दरखास दे आय है।
गांव के सुधा का कहब है कि मैं दूनौ हाथ से विकलांग हौं मोर महतारी बाप मर गे हैं। अब कउनौ सहारा निहाय भाई भउजाई अपने घर मा रहैं नहीं देत आय। अगर हमार घर गिर जइहैं तौं हम कहां रहब। या मारे डी.एम. का दरखास दीन है कि हमारे घर गिरावैं से रोके जाय नहीं मुआवजा दीन जाय।
राममिलन कहत है कि 70 साल के बसी आबादी के पुरवा मा अब हमरे दुआरे से बांदा, फतेहपुर हाईवे रोड निकरत है। जेहिमा हमार बीस लोगन के घर जात हैं। 25 जनवरी का कानून गो अवधेश जांच करैं आवा रहै अउर रोजै रोड के नाप होत है, तौ कानून गो कहत रहै कि जेहिके नाम जमीन है वहिका मुआवजा मिली तुमका न मिली। यहिसे हम डी.एम. का दरखास दीन है अगर हमार हेया सुनाई न होई तौ ऊपर जइबे।
चुन्नी बताइस कि पुराने मा मड़ई गांव मा घर बना के रहै लगत रहा है, पै कउनौ के नाम नहीं रहत रहा देहातन मा घर बहुतै कम लोगन के नाम है, पै हमरे पुरवा का तौ लेखपाल आबादी ही नहीं दर्ज देखावत आय। जबकि लेखपाल का आबादी दर्ज करैं का चाही। यहिसे हम बहुतै परेशान हन। अगर हम लोगन के घर गिर जइहैं तौ हम गरीब मजदूर कहां जइबें। यहिसे हमार मांग है कि अगर हमार घर गिराये जाये तौ हमका घर बनावै खातिर जमीन दीन जाय अउर मुआवजा दीन जाय नहीं हमरे घर न गिराये जाय।
डी.एम सुरेश कुमार का कहब है कि दुबारा से जांच कीन जई वइसै कउनौ के घर न गिराये जइहैं।