डाकू न पकड़ जाय का कारन कुछ अउर

बुन्देलखण्ड के बांदा अउर चित्रकूट जिला मा डाकू अउर उनके गैंग का आतंक हमेशा से रहा है। इनके चपेट मा आवत हैं गांव के लोग। काहे डाकू गांव मा लूटपाट मारपीट फइलाए रहत है।
साथै गांव वालेन का उनका खाना पीना अउर घर मा रहैं का जघा दें का परत है। हेंया तक कि फिरौती भी दें का परत है। ऊपर से पुलिस का अगर घर मा राखैं का सुराग मिलत है तौ शक कइके गांव वालेन का ही परेशान कीन जात है।
या समय संग्राम सिंह डाकू अपने ही गांव मा आतंक मचाये है। गांव मा वहिकर आवब जाब है। खुले आम डरा धमका के फिरौती मांगत है। अगर कउनौ फिरौती दें से मना कई दिहिस तौ वहिके जान के खैर नहीं। पुलिस वहिका पकड़ै मा नाकाम रही है।
जबैकि पुलिस रिकार्ड के हिसाब से संग्राम सिंह के ऊपर बारह हजार का इनाम है। फिरौती के नाम से जहां डाकू दुई लाख रुपिया मांगत है, होंआ वहिका पकड़ै खातिर बारह हजार का इनाम बहुतै कम है।
पुलिस कहत है कि वा पकड़ मा नहीं आवत आय। जबै कि न पकड़ जाय का करन कुछ अउर होई सकत है। वहिकर जउनतान के लोगन से व्यवहार है जेहिसे पुलिस तौ काअउर भी लोग हाथ नहीं लगा सकत आय। जबै तक सत्ताधारी लोग इनतान के डाकू अउर गैंग का सहयोग देहैं तबै तक उनके पकड़ मुश्किल है।