डर -डर के जीना भी कोई जीना है – बाँदा की बहादुर महिला पत्रकार रिया सिंह

जिला बांदा, कस्बा बांदा खबर लहरिया अख़बार का 15 साल पूर होइ गें हैं। यहै कारन हम इनतान के मेहरिया पत्रकार से मिलावत हन जउन हर चुनौती पार कइके पत्रकारिता मा जघा बनाइस है।
मेहरिया पत्रकार रिया सिंह के जिन्दगी चुनौती से भरी पड़ी है।भाई के पढ़ाई अउर आपन घर संभाले खातिर वा पत्रकारिता का काम करत है।
रिया सिंह का कहब है कि 2016 मा मैं झांसी से हेंया कुछ काम करै आयी रहिवं। तबै बहुतै मेहनत करै के बाद पत्रकार के नौकरी मिली है। नर्स टीचर एनम वकील का काम तौ सबै लड़की कई लेत है पै मैं कुछ अलग करे चाहत रहिहौं यहै कारन पत्रकारिता का क्षेत्र चुने हौं।
लड़की पत्रकारिता का काम नहीं करत आहीं डेरात है या पत्रकारिता करे नही चाहत हैं। पत्रकारिता के काम मा चुनौती बहुतै है पै यहिमा कउनौ का दबाव नहीं नहीं होत आय। या क्षेत्र मा आवे से पहिले पत्रकार भाई कहत रहै कि पत्रकारिता का काम गंदा है दल दल आय। साड़ी के दुकान, ब्यूटी पार्लर, किराना की दुकान मा काम करो या क्षेत्र नींक नहीं आय।
जबै मैं पहिले दिन पत्रकारिता करे विकास भवन गइंव तौ अधिकारिन से बात करे के हिम्मत नहीं पड़ी। पै आज मैं डी. एम , एस . पी. जइसे सब अधिकारिन से बात कर सकत हौं। मैं आपन हौसला अउर मेहनत से आज नींकतान पत्रकारिता करत हौं।

रिपोर्टर- मीरा देवी

Published on May 30, 2017