झांसी जिले के मानपुर गाँव के लोगों को साल भर से नही मिल रहा है नरेगा में काम

जिला झांसी, गांव मानपुर जब वोट की बारी आत तब सब को गरीब आदमियन की ध्यान आत। और जब कुर्सी मिल जात तो फिर कोऊ भी गरीब आदमी की तरफ लौट के नइ देखत।
जब वोट मांगबे आत तो आदमियन को आश्वासन दओ जात केवल के हमे वोट देओ हम जो करा हे बो करा हे। लेकिन जीतबे के बाद सब भूल जात सो कोई दुबारा गरीब आदमी को देखबे तक नइ जात के बे केसी हालत में हे का हे उनके पास का नइया केसे अपनों पेट पाल रए।
मानपुर के आदिवासीयन के पास न तो खेती हे न कोनऊ रोजगार एसे में एक मात्र मनरेगा को काम ही उनके लाने सबसे बड़ो सहारो हतो। लेकिन एक साल से बो भी नइ मिल रओ तो केसे चला रए हुए अपनों परिवार केसे पाल रए अपने मोड़ी मोड़ा।
गुलाब ने बताई के फागुन में लगो तो और बैशाख में जब से नई लगो काम न मिलो हमे। अमर सिंह ने बताई के सब करत नरेगा को काम अगर नइ करे तो का खेहे और केसे पल हे। अगर काम ही लगत तो रोज रोज नइ मिलत अगर रोज मिलबे तो आनंद आ जाबे लेकिन कबहु कबहु मिलत। अब अबे सो फागुन से नइ लगो जब लगत तो सौ कबहु डेढ़ सौ रुपईया मजूरी मिलत।
राजकुमारी ने बताई के नौ आदमी खाबे वाले और दो करबे वाले तो केसे का करे और नरेगा को काम हे सो बैशाख से नइ लगो भूखे प्यासे मोड़ी मोड़ा मर रए वोटन की दारे सब आत फिर कोऊ नइ सुनत न सरकार न प्रधान। अंगूरी ने बताई के न कबहु प्रधान आए न कोऊ जब वोटन के लाने आए ते सो कह रए ते के तुमाई जोन परेशानी हे सो सब करबा देहे अब कोन के पास जाबे।सचिव सुरेन्द्र को केबो हे के एक साल से मंनरेगा कर्मचारी हड़ताल पे हे जा से न तो आदमियन को मजदूरी मिल पा रई न काम। अगर लगा देहे तो लेवर को रुपईया कहा से देहे। और जब तक कर्मचारी हड़ताल पे हे जब तक बता भी नइ सकत के कब तक लग हे काम।

रिपोर्टर- सफीना