झांसी के खजराहा बुजुर्ग में खाद बनाने का नया और सस्ता तरीका

जिला झांसी, गांव खाजराहा इते खेत में खाद छिरक बे के लाने आदमियन ने बनाई नई खाद। जी से गरीब आदमी हे जो महगी महगी खाद नई खरीद पात। तो बे अपने घर में खाद बना के अपने खेत में छिरक सकत। और अपने खेत की मट्टी अच्छी बना सकत और ज्यादा से ज्यादा मात्रा में फसल उगा सकत। और आदमियन को कोनऊ चीज रुपईया से नई खरीद ने परत। खाद बनाबे के लाने सब कछु उने घर से मिल जात।
परविंदर सिंह ने बताई के जो जे रायन हिल हे जे कनाड़ा से आय मट्टी और फसल के को कैसे अच्छी बना सकत और कैसे ज्यादा से ज्यादा हमाय किसान आदमी लाभ ले सकत। और इनको काम हें मट्टी और फसल को अच्छी बनाबो के कैसे बन सकत।
रायन हिल ने बताई के हम कैनाडा के रैबे वाले है पर्माकल्च्रिस्ट है। हम इ एम सी फसल को अच्छी बनाबे को सबसे अच्छो तरीका हे। मट्टी की सकती बढ़ाबे में और जो सबसे सरल और आसान हे। हम कैसे खेती की पैदावार बड़ा सकत।
मदीना ने बताई के हम राजीव गांधी विकास योजना से जुड़े हे और हम जामे खाद बनाबे को काम करत।
खाद बनाबे की बिधी खाद बनाबे के लाने पहले लकड़िया डारत फिर सूखी पत्ती डारत फिर हरी पत्ती डारत फिर बाके ऊपर मट्टी डारत फिर गोबर डारत फिर गुड घोर के बाय डारत।
नारायण दास महिला सहायता समूह ट्रेनर ने बताई के हमने जो सब गरीब महिलाओ को आगे बड़ाबे के लाने खोलो कैसे गरीब महिलाए आगे बड़े। जा काम को सिखाबे के लाने हमाय ते बहार से आदमी आय अमेरिका कैनाडा से। और हमाई जो बहने हे बे सब खेती से जुड़ी है तो हम ने जई के लाने जो ए एम सी खाद ब्नानबे को काम शुरू करो के कैसे बे आगे बढ़ सकती। कैसे उनकी खेती की पैदावार बड़ा सकत। जई के लाने हमने जे कंपोज्ड तैयार करबे की योजना चलाई। जो की अठारह दिन में एक कंपोज्ड तैयार करत।
वती ने बताई के जा से हमे लाभ हे और रुपईया कम लगत और जो सामान जाए बनाबे में लगत बो हमाय अगल बगल में हे।हमाय जे खाद कंपोज्ड तीन चार गांव में बन गये। और भी अबे बन रये सब जगह आदमी बना भी रए कायके जासे फायदा भी हे और रुपईया भी नई लगत ज्यादा जैसे सिमरावारी खाजराहा मथुरापुर और भी अगल बगल के गांव हे सब में बन राई। और हमाई सब महिलाए मान रइ जा बात को और बना भी रई। और सब पसंद कर रई काय के जा से फसल में भोत फायदा हे।

रिपोर्टर- सफीना 

16/09/2016 को प्रकाशित

झांसी के खजराहा बुजुर्ग में खाद बनाने का नया और सस्ता तरीका