झांसी की लक्ष्मी न्याय के इंतज़ार में है क्या आरोपी कांस्टेबल पति पर होगी कार्रवाई?

जिला झांसी, 13 दिसम्बर 2016। सिर मुंडवाई लक्ष्मी अहिरवार को देखकर आप एक पल के लिए सहम जाएंगे। 42 साल की लक्ष्मी के शरीर में बहुत से चोट के निशान हैं, जो आपको उसे देखकर ही साफ दिखाई दे जाएंगे। लक्ष्मी पिछले 24 सालों से हर रोज़ एक नई चोट अपने शरीर में लेकर जी रही है। इन चोटों की वजह हैं घरेलू हिंसा, जो उसको उसके पुलिस कांस्टेबल पति ओम प्रकाश अहिरवार के द्वारा दी गई है।

27 नवम्बर की सुबह ओम प्रकाश ने लक्ष्मी को बेवजह लोहे के पाइप से मारना शुरुकर दिया, जिसमें लक्ष्मी के हाथ और सिर में बहुत चोट आई है। लक्ष्मी के बच्चे मां की पिता द्वारा ऐसी पिटाई देखकर बहुत सहम गए हैं। ये बात अलग हैं कि लक्ष्मी के तीनों बच्चों को पिता द्वारा घरेलू हिंसा की आदत सी हो गई है। खैर, उस दिन तो ओम प्रकाश ने अति ही कर दी। हालांकि इस हिंसा की एफआईआर झांसी पुलिस थाने में कर दी गई है। पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई ओम प्रकाश के खिलाफ नहीं हुई है और वह आराम से घाटमपुर पुलिस थाने में अपनी नौकरी कर रहा है।

लक्ष्मी अहिरवार बताती है, “वह मुझ पर इतना अत्याचार करता हैं अगर मैं बच्चों को खाना उससे पहले दे दूं तो पीटता था। अगर उसके जूते पॉलिस कर दूं तो पीटता था। उसे मुझे मारने के लिए कोई वजह नहीं चाहिए होती है।”

3 मोटे डंडे लक्ष्मी की पिटाई में ओम प्रकाश तोड़ चुका है। लक्ष्मी कहती हैं, “उसे मेरे सोने से भी चिढ़ थी। कई बार जब में सोई होती तो वह मेरे सीने पर बैठ जाता और पीटना शुरूकर देता। इस बार जब मुझे अधमरा करके गया तो धमकी देकर गया कि उसकी शिकायत कहीं की तो वह ऑन डूट्टी आकर गोली से मार देगा ।”

लक्ष्मी के पति का अत्याचार लक्ष्मी तक ही सीमित नहीं था बल्कि उसके तीनों बच्चियों तक भी था। ओम प्रकाश कई बार अपनी बेटियों के साथ भी यौन हिंसा कर चुका हैं। उसकी बड़ी बेटी बताती है कि ओम प्रकाश कई बार उनके कपड़े बदलते समय कमरे में आ जाता था। मां उस समय आकर उन्हें कमरे से बाहर निकालती थी। लक्ष्मी की बेटी को पिता की  अपने आस-पास मौजूदगी कभी अच्छी नहीं लगी।  वे हमेशा खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं  है।

लक्ष्मी के पिता भगवान दास ने बेटी के साथ हुई घरेलू हिंसा की एफआईआर लिखवा दी हैं। पर ओम प्रकाश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323 लगाई गई हैं, जो ओम प्रकाश के द्वारा की गई हिंसा के सामने बहुत कम ह। लक्ष्मी के पिता भगवान दास कहते हैं, “एफआईआर लिखवाने का भी कोई फायदा नहीं हुआ हैं क्योंकि वह मजे से अपनी नौकरी कर रहा है।”

हालांकि झांसी पुलिस थाने में इस शिकायत के खिलाफ कार्रवाही नहीं होने की वजह पूछने पर उन्हें कार्रवाई  करने का आश्वासन दे दिया। पर लक्ष्मी और उसके तीन बच्चों को ओम प्रकाश से जान का खतरा बना हुआ हैं, क्योंकि ओम प्रकाश ने उन्हें शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।

रिपोर्टर- सफीना और सोनी

09/12/2016 को प्रकाशित