झाँसी जिले के रसोई गाँव में सब की समस्या एक ही – ‘राशन न मिलना’

जिला झांसी, गांव रसोई इते सब आदमियन की बस एकई कहानी है कबे बन है राशन कार्ड और कबे टैम से राशन मिल है। कछु आदमियन को लिस्ट में नाम भी है और उनके राशन कार्ड नईया। और कछु आदमी एसे है जिने पेले मिलत तो राशन अब नई मिलत।
आदमी प्रधान और कोटेदार के चक्कर लगात लगात परेशान हो गये। लेकिन अबे तक कोनऊ सुनवाई नईया और सबसे बड़ी बात तो जो है के खुद कोटेदार को तक नई पतो के कब तक बन है।
नरेश कुमार ने बताई के पेहले हमाओ बाप के संगे हतो राशनकार्ड अब हमाओ अगल बने चाहिए। लेकिन बे बनाई नई रए और हमाय संग के सबके बन गये हे।
केबल हमाओ नई बनाओ जा रओ अकेलो के तो हमसे उने बुराई हे के फिर उने फायदा हे हमाओ राशन कार्ड न बनाबे से जी के मारे नई बना रए।
लीला ने बताई के हम उन नों जात सो कत के तुमाओ नई बनने तुमाओ लिस्ट में नाम नईया। तुमाओ किते से बना देबे।
असमान ने बताई के कोऊ नई सुन रए सब घुमा रए के ऊपर से कार्यवाही हो है तबही बन है। फार्म भर दओ सब कर दओ। एक साल हो गयी लकिन अबे तक नई बना रए सबनो हो आय।
राजेश्वरी ने बताई के हमाओ पेहले हतो पीलो राशन कार्ड जी पे हमे दो महीना तो दओ लेकिन अब नई देत पेहले हमे पांच किलो चावल और पांच किलो गेंहू मिलत तो अब कह रहे के तुमाओ नाम कट गओ अब तुम्हे राशन नई मिले तुमाओ अब लिस्ट में नाम नईया। जिनको नाम है केबल उने ही मिल रओ और कोऊ को नईया।
कान्ति ने बताई के हमाई बहू को राशन कार्ड बनो सो बाय कबहु राशन नई मिलत लेकिन हमने नेट से पर्ची निकलवाई तो बामे फरवरी तक को राशन चढ़ो जबके हमाई बहू को कबहु राशन मिलोई नईया।
सरमन ने बताई के सब से के दई सरपंच से सेकेट्री से कोटेदार से कोऊ नई सुनत हर बार कागज ले जात और कत के बन जेहे बन जेहे और कबहु नई बने सो अब तो हमने केबो बंद कर दओ।
अरविन्द्र सिंह कोटेदार ने बताई के 2011 में गांव कि जनसंख्या चौदह सौ हती और अब पांच साल बाद इते कि जनसंख्या बाईस तेईस सौ है। और जोन जे पुराने राशन कार्ड हते सफ़ेद पीले वाले सब बंद हो गये अब बे राशनकार्ड से कोनऊ मतलब नईया।
अब जोन जा नई योजना आयी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जा जनवरी से चालू हो गयी।
जोन आदमी हमाय परिवार रजिस्टर में अपनों नाम दर्ज करवा गये हमने उनके फार्म भर के सप्लाई आफिस में जमा करा दए। अब शासन को काम है कब तक बन रए कब तक नई बन रए। जो हमे कोनऊ जानकारी नईया जब बन है।
रिपोर्टर- सफीना और लाली 
06/09/2016 को प्रकाशित

कुछ के पास कार्ड नहीं तो कुछ का लिस्ट में नाम नहीं
लेकिन झाँसी जिले के रसोई गाँव में सब की समस्या एक ही – ‘राशन न मिलना’