झाँसी जिले के चीर गाँव की निधि प्रजापति को है दिल की बिमारी जिसका इलाज सिर्फ बड़े शहर में हो सकता है

जिला झांसी, गाव चीर की निधि प्रजापति को हे दिल की बीमारी। जा को इलाज केवल बड़े शहरन में हो सकत लेकिन पारिवारिक हालत ठीक न होबे के मारे निधि को ओपरेशन नइ हो पा रओ। ना जिला में जा तरा के इलाज होत हे जाके लाने दिल्ली जाने परे।
निधि प्रजापति ने बताई के अबे अस्पताल में भर्ती हते फिर डॉक्टर ने बोली के जाको ओपरेशन करवाओ नइ तो कछू साल जी हे फिर मर जेहे। एक दिन हम अचानक बेहोश हो गये ते और बी पी हाई हो गो तो हमाओ फिर हमे मेडिकल ले गये सब तब पतो चलो के जा परेशानी हे। फिर हमाओ दिल्ली में इलाज भओ लेकिन कोनऊ आराम नइ मिलो।
अब डॉक्टर बोल रए के जा को ओपरेशन हो हे झांसी में जाको इलाज नइया दिल्ली या लखनऊ में हो हे। हमाय घर वालीन के पास इतनो रुपइया नइया एक महीना में हमे कम से कम चार हजार लग जात अबे कम से कम डेढ़ दो लाख रुपईया लग गये।
रिपोर्ट दवाई सब करवाई भोत मंहगी आती बाप मताई परेशान हे।हम अपने आप से भी भोत करत रत के हमाय मताई बाप परेशान न होबे।
और जई के मारे हम काम करत रत के अगर हम पर रेहे तो परे ही रेहे। जा से हम भी भोत हिम्मत बांधे रत और कोऊ को महसूस नइ होन देत के हम परेशानी में हे। अगर हम खुद हिम्मत हार जेहे तो हमाय घर वाले और जयादा परेशान हो जेहे। इतनी महगी दवाई आती तो भी सब लेने परती के ठीक हो जाबे का करे। घर में और भी बहने भज्जा हे तो उनकी भी पढ़ाई लिखाई करवाने केसे का हुए।
धनकुवर निधि की मताई ने बताई के दिल्ली ले गये ते सो उते ओपरेशन नइ करो। अकेली दवाई दे दई सो अपनी दवाई लेके घरे भग याय। दवाई तो अबे खा रई हमने मजूरी करके रुपईया लगाय।अब हमनो इतनो रुपईया नइया के हम ओपरेशन करबा सके। तो अब हम जोई सोच रए के हमे कछू मदद मिल जाबे सरकार की तरफ से तो हमाई मोड़ी की जिन्दगी बच जेहे।
सी एच सी बबीना डॉक्टर सचिन देव शर्मा ने बताई के जे तो जन्मजात बीमारी हे कोनऊ कोनऊ एलर्जी से भी हो जाती। झांसी में भी डॉक्टर हे लेकिन हार्ड के सर्जरी के इतने अच्छे डॉक्टर नइया जितने के लखनऊ और दिल्ली में हे उते एक दम अच्छो काम रत।

रिपोर्टर- सोनी

Published on Feb 10, 2017