जीएसटी के अंतर्गत रोजमर्रा की वस्तुओं पर बढ़ा 28% टैक्स

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वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के अन्तर्गत 1211 वस्तुओं पर टैक्स तय कर लिया गया है। जीएसटी लागू होने के बाद इनमें से अधिकतर वस्तुओं के बाजार मूल्य में कमी की उम्मीद है।

इसकी वजह यह है कि इन वस्तुओं पर लगने वाला प्रस्तावित टैक्स वर्तमान टैक्स से कम है।

जीएसटी काउंसिल ने 9 में से 7 नियमों को मंजूरी दी है। बाकी 2 नियमों पर लीगल कमेटी फैसला करेगी।

बड़ी बात ये है कि अनाज को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। केवल 19 फीसदी चीजें ही ऐसी होंगी जो 28 फीसदी टैक्स के दायरे में आएंगी।

इन सामानों पर नहीं लगेगा टैक्स

बटर मिल्क, दही, शहद, फल और सब्जियां, फ्रेश मीट, फिश चिकन, अंडा, दूध, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टाम्प, न्यायिक दस्तावेज, प्रिंटेड बुक्स, अखबार, चूड़िया और हैंडलूम जैसे रोजमर्रा के सामान जीएसटी से बाहर रखे गए हैं।

28 फीसदी टैक्स इन वस्तुओं पर

पेंट, डीओडरन्ट, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, डाइ, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरेमिक टाइल्स, च्युइंगम, गुड़, कोकोआ रहित चॉकलेट, पान मसाला, वातित जल, वॉटर हीटर, डिशवॉशर, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकल, निजी इस्तेमाल के लिए एयरक्राफ्ट और नौका-विहार को लग्जरी मानते हुए सबसे अधिक टैक्स लेने का फैसला किया गया है।

जीएसटी के तहत सिर्फ 14 फीसदी सामान पर 5 फीसदी का टैक्स और 17 फीसदी सामान पर 12 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।

कमेटी ने फैसला लिया है कि कोयले पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। वहीं हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, साबुन जैसे पदर्थों पर ग्राहक को 18 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। इसके अलावा, चीनी, चाय,

कॉफी पर 5 फीसदी टैक्स लगाया जायेगा।

बताया जा रहा है कि जो सामान बचे हैं, उन पर किस टैक्स स्लैब में जीएसटी लगेगा, ये फैसला 29 मई को लिया जाएगा।