जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव गुढ़ा कला में चकबंदी के समय हुए विवाद का खामियाज़ा आज भी भुगत रहे किसान

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव गुढाकला किसान बहुतै परेशान है काहे से सन2000 मा चकबंदी के कारन मड़ई के के खेत दूसर दबंग मड़ई आपन नाम करवा लीन रहैं यहै कारन किसानन खेती नहीं कई पावत आही
गुढ़ाकला के गिरधारी लाल बतावत है किसान 1999 अउर 2000 मा चकबंदी कीन गे रहैद्य तबै हमार खेत चले गे रहै खेती न होय से हमरे लगे पूंजी नहीं आय पूंजी के कारन कुछौ काम नहीं करे पावत आही
गजेन्द्र सिंह कहत हवै कि खसरा खतोनी के तहत चकबंदी कीन गे रहैद्य तबै कुछौ मड़ई चकबंदी अधिकारीसे मिल के जमीन अपने नाम करवा लीन रहै।
यहै कारन अब हमै किसान होय का लाभ नहीं मिलत आय न अपने बाप के खेती कइ सकत आहीं न कतौ से लोन लइ सकत आहीं।
त्रिलोक सिंह का कहब है कि खतौनी के कारन बारह साल से जमीन सील है जबै प्रधान का पता लाग तौ वा तुरतै कारवाही करिन हैं पूर्व प्रधान दादू भाई का कहब है कि जमीन सील होय से मड़इन का खेती का कउनौ लाभ नहीं मिल पावत कइयौ दरकी दरखास दीन गे हवै पै अबै तक किसानन का उन कर जमीन नहीं मिली आय।
दिनेश सिंह कहत हवै कि किसानन का क्रेडीड कार्ड नहीं बनवा पावत खाद? पाइपए अउर सिंचाई केर सामान कुछौ नहीं मिलत आय कर्जा लइके कउनौतान गुजर करित हन।
सहायक चकबंदी अधिकारी पी के त्रिपाठी का कहब हैकि पचीसन साल पहले चकबंदी कीन गे रहै चकबंदी का नवा रिकार्ड निकारागा है।

रिपोर्टर- गीता 

16/09/2016 को प्रकाशित