जब ठण्ड में न हो सर पर छत तो कैसा लगता है? जानिये फैज़ाबाद के धारूपुर के लोगों से

जब ठंड मा सर पै छत न हुवय तौ मनइन कै दिन कैसे गुजरे। जिला फैजाबाद ब्लाक तारून गाँव धारुपुर मा कुछ एसेन बाय हाल की बिना आवास कै छप्पर के घर मा रहत अहैं। यतनी ठण्ड मा हवा रोकै के ताई धोती बांधके गुजारा करत अहैं। फिर भी प्रशासन इनके तरफ ध्यान नाय दियत बाय। इनके सबके पास यतना पैसा नाय बाय की वै आवास बनाय सकै। मज़बूरी मा छप्पर के नीचे गुजारा करै का परत बाय।
पूनम कै कहब बाय की कालोनी नाय मिलत बाय घर छप्पर  कै बना बाय यतनी ठंडी मा धोती बांधके कउनौ तरह हमरे सब रहीथी। बरसात के दिन मा तौ पानी चूल्हा तक भर जाथै। प्रधान से कहै के बादौ सुनते नाय उनका पैसा चाही।
अनीता अउर कलावती बताइन कि यतनी ठंडी मा जाड़ा बहुत लागाथै। न घर बाय न पानी बहै कै कहूँ जगह बाय।
चिल्लऊ चौहान कै कहब बाय कि छप्पर चुआथै बारिश के महीना मा यहि घरमा बैठ नाय जात।
कौशल किशोर प्रधान प्रतिनिधि बताइन कि लक्ष्य के अनुसार कालोनी आवाथै जब उनकै नंबर आये तब दिया जाये।
का यहि गाँव के मनइन का आवास मिले या इधर-उधर भटकत रहिहैं?

रिपोर्टर-कुमकुम यादव 

Published on Jan 19, 2018