जानिए जापानी वैज्ञानिक काट्सुको सारुहाशी को

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काट्सुको सरुहाशी एक जापानी वैज्ञानिक थीं। उनका जन्म 22 मार्च 1920 को जापान के टोक्यो में हुआ था। सरुहाशी ने 1943 में इंपीरियल वुमेन्स कॉलेज ऑफ साइंस से स्नातक किया, जिसे टोहो विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है।

वह अपने कई बड़े शोधों के लिए प्रसिद्ध है। 35 साल से ज्यादा के कैरियर में काट्सुको सरुहाशी 1980 में जापान की विज्ञान परिषद के लिए चुने जाने वाली पहली महिला थीं।

काट्सुको सरुहाशी तापमान, पीएच स्तर और क्लोरिनिटी के आधार पर पानी में कार्बोनिक एसिड की एकाग्रता को सही ढंग से मापने वाली पहली वैज्ञानिक थीं।

उन्होंने महासागरों में रेडियोएक्टिव की गति का पता लगाने के लिए एक तकनीक भी विकसित की, जिसके कारण 1963 में समुद्री परमाणु प्रयोग को सीमित करना पड़ा।

उन्होंने 1957 में टोक्यो विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। वह पहली महिला थी जिन्होंने रसायन शास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 1985 में भूरसायन के लिए मियाके पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने युवा महिलाओं को विज्ञान का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

साल 1981 में उन्होंने सारुहाशी प्राइज देने की शुरुआत की। यह अवॉर्ड महिला वैज्ञानिकों को साल में एक बार दिया जाता था। 29 जून 2007 को 87 साल की उम्र में टोक्यो में उनका निधन हो गया।