जानवर फिरै पियासे

चित्रकूट जिला मा हमेशा पानी के समस्या बनी रहत हवै। जिला के तालाब भी लगभग दस बरस से सूखे हवैं। मड़ई अउर जानवर दूनौ का पानी के समस्या हवै। मड़ई तौ कउनौतान पानी के व्यवस्था कइ लेत हवै, पै जानवर अउर पक्षी पियास के कारन हिंया हुंवा भटकत हवै तौ कउनौ जानवर पियासे मर भी जात हवैं।
सूखे तालाब का उदाहरण पांचै ब्लाक के गांव मा हवै, पै हम बात करित हन ब्लाक कर्वी अउर पहाड़ी के। कर्वी ब्लाक मा कुल छह सो इकहत्तर तालाब हवै। इं तालाब सूखे हवैं तौ कसत जानवर का पियै खातिर पानी मिली। हिंया के मड़ई जानवर पालत हवैं अउर उनका दूध बेंच के अपने परिवार वालेन का खर्चा पूर करत हवैं। अगर यहिनतान तालाब सूखे रहिहैं तौ मड़इन का जानवर पालब मुश्किल पर जई।
यहिनतान पहाड़ी ब्लाक मा कुल चार सौ पैंतिस तालाब हवैं। हुंवा भी पानी के समस्या बनी हवै। आखिर येत्ते तालाब होय के बादौ उनमा सिंचाई विभाग कइती से पानी काहे नहीं भरवावा गा हवै। का विभाग के कउनौ जिम्मेदारी नहीं आय। अगर विभाग मा कहा भी जात हवै तौ उंई कहि देत हवैं कि तालाब मा अप्रैल के महीना से पानी भरवा दीनगा हवै।
का या बात के जवाबदेही सरकार विभाग वालेन से कत्तौ नहीं लेत हवैं अगर यहिनतान रही तौ समस्या तौ जस के तस बनी रही। यहिके खातिर जरुरी हवै कि सरकार विभाग वालेन से जवाब देही ले के जरुरत हवै।