ज़मीन पर हक़ किसका, और हड़प कौन रहा है? जानिए सारा विवाद, बांदा की इस स्टोरी में

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव आऊं|हिंया रहै वाली मधु कहत है कि गांव वाले वहिका वहिके जमीन से हटा दिहिन है अउर मारपीट कइके वहिके तोड़-फोड़ करिन है|विभाग कहत है कि मधु सरकारी जमीन मा कब्जा करे है|
मधु का कहब है कि गोपाल, गोविन्द, कांती,चुन्नू इं चारों भाई हमें 11 महीना से परेशान करत है|काहे से उंई दबंगई कइके हमार घर हडपें चाहत है|बीसन दरकी अतर्रा में चक्कर लगाये हन पै हमार सुनवाई नहीं होत आय|दरवाजा उखाड़ लइगें अउर बहुतै तोड़ फोड़ करिन है|हमार बच्चा निकलें से डेरात है|हमें नियाव न मिली तौ हम आपन जान दइ देबै|मधु का मनसवा रामलखन बताइस कि 2015 से घर का मुकदमा चलत है|
प्रधानमंत्री अउर मुख्यमंत्री का दरखास दीने हन पै अबै कुछौ सुनवाई नहीं भे आय|विपक्षी गोपाल का कहब है कि प्रधान घर खाली करवाइस है|जनता से दसकत कराइन है|सचिव विनय कुमार का कहब है कि एक मेहरिया सरकारी  जमीन मा कब्जा करै रहि है|कब्जा हट गा है|
वी.डी.ओ लालब्रत यादव का कहब है कि बारात घर स्कूल जउन बनत है वा सब लिखा जात है|मधु सरकारी जमीन का कब्जा करे है|

बाईलाइन-गीता देवी

08/09/2017 को प्रकाशित