चोली कट ब्लाउज और नए-नए फैशन, चलिए मंझनपुर गाँव में दर्जी की दुकान पर!

जिला अम्बेडकर नगर , ब्लाक भीटी, गाँव मंझनपुर ब्लाउज मा नया फैशन जरुर आय लकिन जवन सदा बहार फैशन रहिगा ऊ आय चोली कट ब्लाउज। जवन कि आज भी चलन मा बाय अउर वकै एक अलग पहचान बाय।
अच्छेलाल टेलर कै कहब बाय कि हम सिलाई नंसा बाजार से सीखे हई। आठ साल से खुद से सिलाई करत हई। अगर डिजाइन दार ब्लाउज बनावै का हुवय तौ दिन भर मा चार ब्लाउज बन जाथै अउर अगर सादा बनावै का हुवय तौ पांच बनि जाथै। काटन के कपड़ा मा बढ़िया बनाथै काहे से काटन कै कपड़ा सही से बैठ जाथै। ग्राहक कै डांट भी पराथै कहाथिन खराब कै दिहा। अगर थोड़ा ढ़ीला या कसा होय जाय तौ।
मंझनपुर कै प्रभावती कै कहब बाय कि चोलीकट ब्लाउज पहिनै से शरीर बधी रहाथै।कुछ रख लिया तौ गिरत नाय। गुलशन कै कहब बाय कि हम ब्लाउज खुदसे बनाय के पहिनीथी। फ्रेम काटिके रखे हई वहि से बनाई थी।फरीदाबाद से सीखे हई। आठ साल से सिलाई करीथी। चोली कट ब्लाउज बनावै मा डेढ़ सौ रुपया लागाथै। गाँव कै अउर मेहरारू कै भी ब्लाउज बनाईथी।

रिपोर्टर- प्रियंका

27/01/2017 को प्रकाशित