चुनाव का बहिष्कार करने की ठानी

जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ। यहां तिलौली गांव के चंदई मजरा में वोट न देने के लिए 22 मार्च 2014 को तहसील दिवस पर लगभग दो सौ लोगों ने धरना दिया था और अधिकारियों के सामने कहा कि जब तक उनके गांव में विकास नहीं होगा, वे वोट नहीं डालेंगे। मऊ तहसीलदार कतवारूराम इस सिलसिले में 4 अप्रैल को चंदई पुरवा में लोगों को समझाने पहुंचे।
मजरे के लोगों के अनुसार नेता वोट लेने आते हैं लेकिन विकास कराने के लिए कोई ध्यान नहीं देता। यहां बूथ संख्या एक सौ सात में लगभग पन्द्रह सौ वोटर वोट नहीं देगें। किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष नीलकण्ठ और चंदई मजरा के रन्नो, पुष्पा, छंग्गा सहित दस लोगों ने बताया कि इस मजरे में लगभग पचास साल से तीन किलोमीटर सड़क, बिजली और नहर की समस्याएं हैं। चार साल पहले बिजली के खम्भे लग गए। लेकिन अभी तक ट्रान्सफार्मर नहीं लगा। पानी की समस्या है इसलिए नहर की मांग भी है।
मऊ तहसीलदार कतवारूराम का कहना है कि 4 अप्रैल को चंदई पुरवा जाकर लोगों को समझाया है कि वोट देने का अधिकार विकास से न जोड़ें। पहले वोट दो, विकास ज़रूर होगा। चित्रकूट में 30 अप्रैल को मतदान होने वाला है।

प्रधान चन्द्रकली के पति रमेश का कहना है कि चुनाव बहिष्कार करने में सहयोगी हूं। क्योंकि चंदई मजरा में विकास कराने के लिए बजट नहीं आया है। विकास के लिए कई बार सांसद और विघायक से भी कहा है।
मऊ बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी राम लखन का कहना है कि बिजली का ट्रान्सफार्मर पास होगा तो लगेगा। इनके अनुसार वैसे भी खम्भे दूसरे गांव के लिए आए थे पर जल्दबाज़ी में चदंई में लगवा दिए गए हैं।