चीन की दीवार को बचाने के लिए सरकार ने लिया ‘चंदे का सहारा’

chin-ki-divarचीन की दीवार की मरम्मत के लिए ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े चीनी अधिरियों ने लोगों से चंदा मांगने का अभियान शुरू किया है। हज़ारों किलोमीटर लम्बी यह दीवार दुनिया की सबसे लम्बी दीवार है जिसे अन्तरिक्ष से भी देखा जा सकता है। चीन के राजाओं ने इस दीवार का निर्माण दुश्मनों से बचाने के लिए किया था। इसका निर्माण हज़ारों साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन मिंग वंश के राजाओं ने मुख्य निर्माण 1368 से 1644 के बीच पूरा किया।
चीन की दीवार की मरम्मत के लिए अभियान ‘चाइनीज़ फ़ाउंडेशन फ़ॉर कल्चरल हेरिटेज कंज़र्वेशन’ की तरफ़ से चलाया जा रहा है। यह सरकारी देख-रेख में काम करने वाली एक संस्था है, जिसका कहना है कि चीन की दीवार को मरम्मत की सख़्त ज़रूरत है। फ़ाउंडेशन को उम्मीद है कि 1 दिसंबर तक चंदे के रूप में उसके पास 17 लाख डॉलर यानी लगभग 11 करोड़ रुपए जमा हो जाएंगे।
अगस्त में शुरू किए गए इस अभियान में अब तक 16 हज़ार लोगों ने ऑनलाइन चंदा जमा किया है। अब तक इस अभियान से क़रीब 45,000 डॉलर यानी लगभग 30 लाख रुपए जमा हो चुके हैं।
जमा की गई इस रक़म का इस्तेमाल ‘शीफ़ेंकाउ’ सेक्शन की मरम्मत के लिए किया जाएगा। क्योंकि दीवार का वह हिस्सा पानी में रहने की वजह से कमजोर हो गया है।