चित्रकूट में शिक्षा के मंदिर के हाल कुछ ऐसे – बच्चे और अध्यापक उपस्थित, बाउन्ड्री और शौचालय गायब

जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, गांव ओबरी पूर्व माध्यमिक विधालय मा बाउन्ड्री नहीं बनी आय। शौचालय बना तौ हवै पै खाली नाम खातिर बना हवैं। यहै कारन स्कूल के बच्चन का अउर मेहरिया अध्यापक का बहुतै परेशानी होत हवैं। पै शिक्षा विभाग ध्यान नहीं देत आय।
अध्यापिका आशा द्विवेदी का कहब हवै कि शौचालय 20 12 मा बना रहै दुइ साल तौ ठीक रहै पै 20 15 से ख़राब पड़ा हवै। जेहिसे हमें अउर स्कूल के बड़ी बिटियन का शौचालय जाये मा बहुतै परेशानी होत हवै अउर बाहर जाये मा शर्म भी आवत हवैं।
मास्टर सय्यद अंसार हुसैन का कहब है कि शौचालय ख़राब होय से बड़ी बिटियन का जंगल जाय का पड़त हवै। मास्टर अरुन कुमार बताइस कि जुलाई मा पेड़-पौधा लगा देइत हन पै बाउंड्री न होय के कारन जानवर सब पेड़ पौधा खा जात हवैं। कइयौ दरकी शिक्षा विभाग का कहे हन पै कउनौ बाउन्ड्री नहीं बनवावत आय।
जबै संकुल प्रभारी हिंया आवत हवैं तौ उनसे भी बाउंड्री खातिर कहा जात हवै। खुला होय से बच्चा गन्दगी फइलावत हवैं।
पढ़े वाली लडकियां संध्या बताइस कि बाउन्ड्री न होय से पेड़ पौधा सुरक्षित नहीं रहत आहीं छोट बच्चा पेड़ पौधा उखाड़ डालत हवै अउर जानवर सब खा जात हवै।
हेडमास्टर जैन्ध प्रसाद का कहब हवै कि बाउन्ड्री खातिर कइयौ दरकी प्रधान अउर ब्लाक कर्मचारिन कहे हन। पै कउनौ नहीं बनवाइन आय। काहे से बाउन्ड्री मा लाखन रुपिया लागी।
वरिष्ठ समन्वयक बी.आर.सी. मार्सन कुमार शुक्ला का कहब हवै कि बाउन्ड्री खातिर हेडमास्टर कुछौ सूचना नहीं दिहिन आय। शौचालय 15 20 दिन के भीतर बनवा दीन जई।विद्यालय खातिर जबै दरखास आई तौ बनवाबा जई।

रिपोर्टर- सुनीता देवी

Published on Apr 3, 2017