चित्रकूट में प्रसव की पीड़ा को किया अनदेखा एक बार फिर

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव कौबरा 15 दिसम्बर का सुमित्रा नाम के गर्भवती मेहरिया के इलाज मा लापरवाही होय से जान चली गे हवैं। सरकार गर्भवती मेहरिया के सुरक्षा खातिर उपाय तौ बहुतै करत हवैं। पै इतनान के घटना देख के पता लागत हवै के अस्पताल मा गर्भवती मेहरिया के साथै केत्ती लापरवाही कीन जात हवैं।
सुमित्रा की सास राजकुमारी का कहब हवै कि नर्स कहत रहै कि 8 बजे तक बच्चा होइ जई। मोर बहू मर जइहौं मर जइहौं चिल्लात चिल्लात मर गे।
चाची सास सुनीता बताइस कि बच्चा होय खातिर लगातार पीड़ा आवत रहै। पै बच्चा नहीं भा। यहै कारन वहिके जान चली गे। ससुर गोविन्द प्रसाद का कहब हवै कि जबै मोर बहू मरै के कगार मा पहुंच गे तबै रिफर करिन हवैं। झूठ बोल के कागज मा दस्ताखत करवा लीन हवैं।
रुपियन का इंतजाम कइके जब बहू का देखेव तौ वहिके हालत बहुतै खराब रहि हवै तबै मोरे कहे मा बहू के 10 मिनट तक नाड़ी देखिन तौ बताइन वहिके मउत होइं गे हवैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक राजेश सिंह बताइस कि सुमित्रा का सांस के बीमारी रहै। यहै कारन वा लेटत या से मउत भे हवै।

रिपोर्टर- सुनीता

22/12/2016 को प्रकाशित